" /> २९४ संदिग्धों की हुई जांच!, १९८ विदेश यात्रा से आए नागरिकों का समावेश

२९४ संदिग्धों की हुई जांच!, १९८ विदेश यात्रा से आए नागरिकों का समावेश

ठाणे मनपा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से स्वदेश लौटे १९८ भारतीय नागरिकों और उनके संपर्क में आए ९६ लोगों सहित कुल २९४ कोरोना वायरस के संदिग्धों की जांच किया है। कहा गया है कि इनमें आठ विदेशी नागरिकों का भी समावेश है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ठाणे मनपा का स्वास्थ्य विभाग बीते कई दिनों से विदेश से स्वदेश लौटे नागरिकों की युद्ध स्तर पर खोज अभियान शुरू किए हुए है। इस अभियान के तहत अब तक कुल स्वदेश लौटे १९८ नागरिकों और आठ विदेशियों की खोजबीन कर चुकी है। सभी का मेडिकल जांच किया जा चुका है। इसमें प्रâांस से लौटे नागरिक को छोड़कर अन्य लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। ये सभी व्यापार के सिलसिले में ठाणे शहर में आए हुए थे। मनपा के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध मालगांवकर ने कहा कि विदेश से लौटे लोगों की खोजबीन युद्धस्तर पर शुरू है। तलाशी के दौरान मिलनेवाले ऐसे नागरिकों की जांच की जा रही है। बुधवार को ६९ लोगों की जांच की गई। इसके साथ ही २७२ लोगों को घर में ही चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। इसी तरह २२ लोगों को कस्तूरबा अस्पताल में भेजा गया था, जिसमें से २० लोगों को जांच के बाद छुट्टी दे दी गई। इसी के साथ दो लोगों का अस्पताल में उपचार शुरू है।
साप्ताहिक बाजार बंद कोरोना वायरस को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय योजना के एक विकल्प के तहत ठाणे जिले में स्थित ग्रामीण क्षेत्रों के साप्ताहिक बाजारों को ३१ मार्च तक बंद करने का आदेश जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर ने दिया है। कल्याण तहसील के पिंपरी, गोवेली, म्हारल, बेहेरे, राया-ओझर्ली, भिवंडी तहसील के चिंबीपाड़ा, कोन, खारबाव, पड़घा, पाच्छापुर, अनगांव, दाभाड, वङ्कोश्वरी, अंबाडी, अस्नोली, मुरबाड तहसील के सरलगांव, धसई, टोकावडे, म्हसा, तहसील के आटगांव, किन्हवली, सापगांव, गोठेघर, पिवली, मोखावणे-कसारा, शेणवे, अघई, डोलखांब आदि स्थानों में लगनेवाले साप्ताहिक बाजारों को बंद करने का आदेश दिया गया है। उपरोक्त स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर अनौपचारिक स्वरूप में लगनेवाले छोटे बाजारों और वहां होनेवाले भीड़भाड़ को टालने के लिए आवश्यक उपाय योजना करने का आदेश संबंधित अधिकारियों को जिलाधिकारी नार्वेकर ने दिया है। इस आदेश की अवहेलना करनेवाला व्यक्ति अथवा संस्था भारतीय दंड संहिता १८६० (४५) की धारा १८८ के तहत सजा का पात्र होगा।