" /> ३४ घंटे हटा मलबा ५ मजदूरों की मौत, सोनभद्र खदान हादसा

३४ घंटे हटा मलबा ५ मजदूरों की मौत, सोनभद्र खदान हादसा

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में पत्थर की छोटी खदान धंस गई। ३४ घंटे तक मलबा निकालने के साथ-साथ कुल पांच मजदूरों के शव निकाले गए हैं। धंसी हुई खदान से शनिवार को दो मजदूरों के शव मिले थे, रविवार को तीन और मजदूरों के शव मिले। पांच मजदूरों की खदान धंसने से मौत की घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लेते हुए प्रभारी मंत्री सतीश द्विवेदी को निरीक्षण के लिए भेजा। रविवार को पहुंचे प्रभारी मंत्री हादसे में घायल मजदूरों का हाल-चाल लेने अस्पताल भी गए।
मामले में पुलिस ने खदान पट्टाधारक सुरेश केशरी सहित जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के खिलाफ धारा ३०४ ए के तहत गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्यमंत्री की ओर से मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख और घायलों को ५०-५० हजार रुपए मुआवजा दिए जाने का एलान किया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार की देर शाम सुरेश केशरी के पत्थर खदान में चट्टान दरकने के बाद धंस जाने से वहां काम कर रहे सात मजदूर चपेट में आ गए। मौके पर पहुंची एनडीआरएफ और पुलिस की टीम दो घायल मजदूरों को किसी तरह मलबे से निकालकर जान बचा चुकी लेकिन पांच की दबकर मौत हो गई। रविवार को लगातार ३४ घंटे तक मलबा हटाने का काम पूरा हुआ तो हादसे की भयावहता सामने आई। इस हादसे में शनिवार को दो शव निकाले जाने के बाद रविवार को गुलाब (२६), प्रहृाद(३३) और शिवचरन (४५) के शव बाहर निकाले गए। प्रभारी मंत्री सतीश द्विवेदी ने घायल मजदूरों के परिजन से मुलाकात के साथ ही पीड़ित परिवार से मिलकर मुख्यमंत्री की ओर से घोषित सहायता राशि की घोषणा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

लाशों का सौदा करते दिखे खनन अधिकारी
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में अवैध खनन के चलते पहाड़ी धंसकने से पांच मजूदरों की मौत हो गई। इस मामले में पट्टाधारक सुरेश केसरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज न हो इसके लिए जिला खनन अधिकारी केके राय पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतकों के परिजन से सौदेबाजी करते देखे गए। वायरल वीडियो में खनन अधिकारी बता रहे हैं कि मुकदमा करने पर कोई फायदा नहीं है, पट्टाधारक पैसे दे देगा। वीडियो में केके राय मृतक मजदूरों के परिजन को बता रहे हैं कि पट्टाधारक पैसा देने को तैयार है, मुकदमा करने का कोई फायदा नहीं है। वह गिनाते हैं कि पट्टाधारक से मिलनेवाले पैसों और सरकारी मदद को मिलाकर कुल १७ लाख रुपए मिल जाएंगे। हालांकि, सामने दिख रहा शख्स मांग करता है कि २५ लाख रुपए करवा दीजिए।

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