५ साल में ३२८ को लील गए  गटर, मैनहोल और समुद्र

मुंबई शहर में समुद्र, नाले, मैनहोल आदि में गिरकर लोगों के बहने-डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते सप्ताह मरीन ड्राइव पर हाई टाइड का लुत्फ उठाते समय एक लड़का समुद्र में गिर गया जबकि उसे बचाने के प्रयास में एक अन्य युवक भी अकाल काल का शिकार हो गया। इसी तरह कफ परेड में अश्विनी अस्पताल के पीछे समुद्र तट पर एक अज्ञात व्यक्ति की लाश पुलिस को मिली थी। इसके बाद कल मालाड-पूर्व में एक डेढ़ साल का बच्चा नाले में बह गया था, वहीं पवई स्थित बांगुर्डा तालाब में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुंबई में बीते एक सप्ताहभर में घटी ये कुछ घटनाएं उदाहरण मात्र हैं जबकि बीते ५ साल में ऐसी ६३९ घटनाएं मुंबई में दर्ज हुई हैं। इन घटनाओं में समुद्र, नाले, मैनहोल ने ३२८ मुंबईकरों की लील लिया।
आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख को मनपा के आपदा प्रबंधन कक्ष द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष २०१३ से २०१८ के बीच मुंबई में सन २०१३ से जुलाई २०१८ तक मैनहोल, गटर, समुद्र में लोगों के गिरने, डूबने के ६३९ मामले सामने आए, जिनमें ३२८ लोगों की मौत हो गई जबकि १४७ लोग घायल भी हुए। मरनेवालों में २३७ पुरुष और ९१ महिलाएं शामिल थीं। वहीं घायलों में ११२ पुरुष और ३५ महिलाओं का समावेश था। मनपा के आपदा प्रबंधन कक्ष के अनुसार वर्ष २०१३ में गटर, नाले, मेनहोल, कुएं, खदान, नदी, समुद्र आदि में गिरने व डूबने से २४ लोग घायल हुए थे जबकि ३७ लोगों की मौत हुई। इसी तरह २०१४ में २७ लोग घायल तो ६४ लोगों की मौत हुई। वर्ष २०१५ में २४ घायल तो ४५ की मौत हुई। इसी तरह वर्ष २०१६ में ४६ लोग घायल हुए तो वहीं ६२ लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा हादसे वर्ष २०१७ में हुए और इस दौरान २१ लोग घायल तो ७८ लोगों की मौत हो गई। वर्ष २०१८ में महज ६ महीनों में २१ लोग घायल और ४२ लोगों की मौत ऐसे ही हादसों में पानी में डूबने से हुई।