" /> १० कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने दिखाया दम, गिरगांव में इमारत बनाएंगे हम, मेट्रो-३ को मिला बंपर रिस्पॉन्स

१० कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने दिखाया दम, गिरगांव में इमारत बनाएंगे हम, मेट्रो-३ को मिला बंपर रिस्पॉन्स

मेट्रो-३ परियोजना के अंतर्गत परियोजना प्रभावित लोगों के लिए गिरगांव में ही इमारत निर्माण की योजना मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने बनाई है। स्थानीय लोगों के काफी विरोध और शिवसेना के हस्तक्षेप के बाद मेट्रो प्रशासन को यह निर्णय लेना पड़ा था। गिरगांव में इमारत निर्माण से पहले एमएमआरसीएल ने भवन निर्माताओं से प्री क्वालिफिकेशन बीड के आवेदन मंगाए थे, जिसका अच्छा प्रतिसाद मिला है। गिरगांव में इमारत निर्माण के लिए १० जानी-मानी कंपनियों ने अपना दम दिखाया है और गगनचुंबी इमारत निर्माण की इच्छा जताई है। गिरगांव स्थित बनाई जानेवाली इमारतों में कोलाबा-बांद्रा-सिप्ज अंडर ग्राउंड मेट्रो-३ से प्रभावित स्थानीय लोगों के लिए मकान, दूकान और कार्यालय निर्माण कर उनका पुनर्वसन किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक प्री-क्वालिफिकेशन बीड में जिन कंपनियों ने हिस्सा लिया है, उनमें जेएमसी प्रोजेक्ट (इंडिया), टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड, एल एंड टी लिमिटेड, वास्कोन इंजीनियरिंग लिमिटेड, शपूरजी पालनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, मोंटोकारलो लिमिटेड, कॅपसाइट इंप्रâा प्रोजेक्ट लिमिटेड, न्याति इंजीनियर्स एंड कन्सल्टंट प्राइवेट लिमिटेड,

मॅन इंप्रâा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड व नाथानी पारेख कंस्ट्रक्शन लिमिटेड आदि कंपनियों का समावेश है। कॉर्पोरेशन द्वारा जल्द ही प्री क्वालिफिकेशन बीड की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत चुनी गई कि कंपनियों में से निविदा मंगाई जाएगी।
४८ मंजिला होगी ईमारत
गिरगांव पुनर्विकास इमारत में ४७३ रिहायशी, १३७ कमर्शियल दूकानों व १९ कमर्शियल ऑफिसों का समावेश होगा। इस ४८ मंजिला इमारत में तीन मंजिला पार्किंग सेवा व ग्राउंड लेवल, एक से सात मंजिला में कमर्शियल दुकानें व सेवा देने के लिए आरक्षित रहेंगी, जबकि ८ से ९ मंजिल पर कमर्शियल दुकान, सेवा सहित सुविधा के लिए आरक्षित रखा जाएगा। १० से १८ मंजिल पर कमर्शियल गाले सहित रिहायशी रहेंगे व १९ से ४८ मंजिल पर भी रिहायशी रूम रहेंगे। कुल ४८ मंजिल में से ३९ मंजिल रिहायशी लोगों के लिए आरक्षित रहेंगे।
६ भूखंडों को एकत्रित कर होगा विकास
कालबादेवी, गिरगांव पुनर्वसन योजना के अंतर्गत ६ विभिन्न भूखंडों को एकत्रित कर विकास किया जाएगा। कुल ६ भूखंडों में से के-२, के-३, जी-३ ये भूखंड एक साथ विकसित किए जाएंगे। वहीं के-१, जी-१ व जी-२ ये भूखंड मेट्रो संबंधित कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा के-३ इस इमारत के निर्माण के लिए पहले ही मे. वास्कॉन कंपनी को चुना गया था। इमारत का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। ऐसी जानकारी मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के व्यावस्थापकीय संचालक रणजीत सिंह देओल ने दी। उन्होंने बताया कि इमारत के निर्माणकार्य के लिए विभिन्न कंपनियों का अच्छा प्रतिसाद मिलना खुशी की बात है। ये पुनर्विकसित इमारतें कालबादेवी व गिरगांव अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के ऊपर निर्माण की जाएंगी। ये पुनर्वसन योजना काफी महत्वपूर्ण है।