" /> 15 दिन भिवंडी में पूर्णतः लॉकडाउन!

15 दिन भिवंडी में पूर्णतः लॉकडाउन!

◼️ भिवंडी मनपा में महासभा बुलाकर लिया गया सर्वसम्मति से फैसला
◼️ शहर को कंप्लीट कंटेनमेंट जोन की तरह पूरी तरह बंद करने का निर्णय

भिवंडी में बढ़ते कोरोना रोग के मद्देनजर शहर को कंटेनमेंट जोन की तरह 15 दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मनपा ने विशेष महासभा मंगलवार को बुलाई थी, जहां पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच सर्वसम्मति से नगरसेवकों द्वारा यह प्रस्ताव पास किया गया है, जिसके तहत भिवंडी मनपा क्षेत्र को गुरुवार 18 जून से 15 दिनों के लिए अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर पूर्णतया बंद किया गया है। इस दौरान आवागमन भी ठप रहेगा।
गौरतलब हो कि वैश्विक महामारी कोरोना से भिवंडी शहर में कोहराम मच गया है। विगत 2 माह में ही करीब 650 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं और 25 लोगों की आधिकारिक तौर पर मौत हो चुकी है। कोरोना महामारी की गंभीरता को देखते हुए मनपा महापौर प्रतिभा विलास पाटील ने मंगलवार को विशेष महासभा बुलाई थी, जिसमें चार घंटे की जद्दोजहद के बाद जनहित में शहर को गुरुवार 18 जून से दो जुलाई तक पूर्णतः लॉकडाउन का फैसला काफी विरोध के बाद लिया गया। शहर को कंटेनमेंट जोन की तरह पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान अत्यावश्यक सेवा मेडिकल, दूध, सब्जी, किराना आदि दुकानों को छोड़कर पूर्णतया बंद किए जाने पर सहमति दिखाई है। मनपा महापौर श्रीमती प्रतिभा विलास पाटील ने शहरवासियों से निर्देशों के पालन सहित जीवन सुरक्षा हेतु अनावश्यक घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इस दौरान रिक्शा के साथ सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया। पावरलूम सहित अन्य कारखाने भी पूरी तरह बंद रहेंगे।
नगरसेवक ने लगाया मनपा पर उदासीनता का आरोप
महासभा में इस दौरान जमकर घमासान हुआ। इस दौरान नगरसेवकों ने मनपा प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वैश्विक महामारी के दरमियान मनपा प्रशासन की उदासीनता व लापरवाही से लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। वैश्विक महामारी आपदा काल में समूचा भिवंडी शहर बिलख रहा है। कांग्रेसी नगरसेवक बाबा बहाउद्दीन ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में प्रतिदिन कोरोना महामारी प्रकोप से अनगिनत मौतें हो रही हैं, जिनका कोई रिकॉर्ड मनपा प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। इतना ही नही मनपा नगरसेवकों ने कहा कि मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर जनप्रतिनिधियों के फोन भी नहीं उठाते हैं और न ही कोई सार्थक जवाब देते हैं। पूर्व विरोधी पक्ष नेता व नगरसेवक श्याम अग्रवाल ने मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर की लापरवाह कार्यप्रणाली एवं प्रभारी वैद्यकीय अधिकारी डॉक्टर जयवंत धुले पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर जयवंत धुले कोरोना मरीजों से कोविड अस्पताल एडमिशन, क्वारंटीन हेतु मरीजों से धन उगाही में संलग्न हैं। जागरूक शहरवासियों द्वारा दिए गए तमाम सबूतों के बावजूद मनपा आयुक्त आष्टीकर वैद्यकीय अधिकारी डॉक्टर धुले पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जो बेहद गंभीर विषय है। मनपा आयुक्त आष्टीकर को महामारी के समय राजनीति नहीं मैदान में उतरकर लोगों की जान बचाने के लिए कार्य करना चाहिए, जिसमें वे नाकाम साबित हो रहे हैं। इस प्रकार का भी आरोप नगरसेवकों ने महासभा में लगाया।