" /> हत्याओं से हिल गयी यूपी, क्या यही जंगल में मंगल है?-रामगोविंद चौधरी

हत्याओं से हिल गयी यूपी, क्या यही जंगल में मंगल है?-रामगोविंद चौधरी

कानून व्यवस्था की दंभ भरने वाले योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में लगातार तीन दिन से एक के बाद एक डबल मर्डर व एक ट्रिपल मर्डर से प्रदेश थर्रा गया है। पहले सोमवार को अयोध्या में, मंगलवार को संभल में आज बुधवार को मेरठ और शामली में डबल मर्डर का पता चला है। प्रदेश सरकार द्वारा बार-बार यह प्रचारित किया जा रहा है कि चाइना से उखड़ कर इंडिया आने वाले उद्योग यूपी में आ रहे हैं। इन हत्याओं की सीरियल घटनाओं से यूपी में निवेश को धक्का लग सकता है। विपक्षी सवाल करने लगे कि क्या इसी कानून व्यवस्था के बल पर यूपी सरकार इन्वेस्टरों बुलायेगी। बुधवार को प्रयागराज में दिन दहाड़े तीन सगे भाइयों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरांव क्षेत्र स्थित निश्चिंतपुर गांव में बरमदीन यादव और शिवनारायण यादव के परिवारों के बीच वर्षों से 4 बीघा जमीन का विवाद चला आ रहा है। बुधवार बरमदीन के बेटे इंद्र बहादुर यादव, राम सिंह यादव और रवींद्र यादव ट्रैक्टर लेकर खेत में जुताई के लिए गए थे। परिवार की ही सुनीता और उसकी बेटी रागिनी भी खेत में थीं। उसी समय 10-12 की संख्या में आरोपियों ने लाठी-डंडे और ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। तीनों भाइयों को लाठी-डंडे और पत्थरों से जमकर पीटा गया। जब तक गांव वाले पहुंचते, हमलावरों ने इंद्र बहादुर को मार डाला था। राम सिंह, रवींद्र, रागिनी और सुनीता मरणासन्न हालत में पड़े हुए थे। पुलिस को सूचना देकर परिवार वाले सभी को अस्पताल लेकर भागे, लेकिन राम सिंह और रवीन्द्र की रास्ते में मौत हो गई। बुधवार को ही मेरठ में भी पुरानी रंजिश को लेकर घर के बाहर दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची। एक पक्ष ने आरोपियों के घर पर हमले का भी प्रयास किया। हालात बेकाबू देख आसपास के थानों से फोर्स बुलवाई गई। दूसरे पक्ष के कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। मेरठ के पास स्थित मुंडाली के जिसौरा गांव में अजवर और पूर्व प्रधान नियाज पक्ष के बीच चुनावी रंजिश चली आ रही है। नियाज पक्ष से एक किशोर की तीन साल पहले गोली लगने से मौत हुई थी, जिसमें अजवर के बेटे खालिक समेत कई को नामजद कराया गया था। इसको लेकर दोनों पक्ष में रंजिश है। अजवर और नियाज पक्ष के बच्चों के बीच क्रिकेट खेलने को लेकर मंगलवार दोपहर विवाद हुआ था।

इसी विवाद में दोनों पक्ष मंगलवार रात आमने सामने आ गए। अजवर के दोनों बेटे खालिक और माजिद घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान नियाज पक्ष ने हमला बोल दिया और जमकर गोलियां बरसाते हुये 40 राउंड फायरिंग किया। गोलीबारी में खालिक (20) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि माजिद (18) ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।बुधवार को ही शामली जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस को सूचना मिली कि दो युवतियों के शव गन्ने के खेत में पड़े हैं। आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल की तरफ दौड़े तो देखा कि दो युवतियों के शव कंबल में लिपटे पड़े हैं. जिनकी उम्र करीब 20 और 22 वर्ष है।एसपी शामली विनीत जायसवाल ने बताया कि शाम करीब 7 बजे कैराना थाना पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि जगनपुरा के जंगल मे गन्ने के खेत के किनारे दो अज्ञात शव पड़े हुए है।सूचना पर तत्काल क्षेत्राधिकारी कैराना और एसएचओ कैराना तत्काल मय फ़ोर्स के मौके पर पहुंचे और उन्होंने जांच शुरू की।दो लड़कियों के शव जिनकी उम्र करीब 20 से 25 वर्ष थी मौके से मिली जिनके सर पे और गले पे चोट के निशान थे और मौके पर ही पंचायत नामा की कार्रवाई की गई और पंचायत नामा की कार्रवाई में लड़कियों के शरीर पर जो कपड़े मिले वह व्यवस्थित मिले और प्रथम दृष्टया दुष्कर्म जैसी कोई बात नहीं पाई गई। एसपी का कहना है मामले की जांच के लिये चार टीमें बनायी गई हैं, जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।इससे पहले मंगलवार को संभल में सपा और उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बहजोई थाना इलाके में हुए इस डबल मर्डर से हड़कंप मच गया। हत्या के पीछे मनरेगा के तहत बनाई जा रही सड़क का विरोध बताया जा रहा है। गांव के ही कुछ दबंग इस सड़क का विरोध कर रहे थे। दिन निकलते ही हुई सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस अधीक्षक के साथ ही आईजी भी मौके पर पहुंच गए थे। समाजवादी पार्टी के नेता छोटे लाल दिवाकर की पत्नी गांव की प्रधान हैं। ऐसे में उनका भी ज्यादातर काम छोटेलाल दिवाकर ही देखते थे। छोटे लाल दिवाकर मंगलवार की सुबह अपने बेटे सुनील दिवाकर के साथ गांव की आबादी के बाहर मनरेगा से बन रही सड़क का जायजा लेने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही कुछ दबंग वहां पहुंच गए और आगे अपने खेत होने का हवाला देते हुए सड़क निर्माण का काम आगे न बढ़ाने की हिदायत दी। जब छोटे लाल दिवाकर ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तब दबंगों ने छोटे लाल दिवाकर की गोली मारकर हत्या कर दी।

सोमवार को अयोध्या में एक मकान के विवाद को लेकर हो रही पंचायत के दौरान मौजूदा प्रधान और बीजेपी नेता जय प्रकाश सिंह और उनके साथ पंचायत चुनाव में उम्मीदवार रहे राम पदारथ यादव के बीच कहासुनी में चली गोलियों की तड़तड़ाहट में दो लोगों की हत्या हो गयी। बताते हैं कि पंचायत के दौरान देखते ही देखते ये कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गोली चली। जिसमें राम पदारथ यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल प्रधान जयप्रकाश सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। ये घटना थाना इनायत नगर क्षेत्र के पलिया प्रताप शाह गांव की है। प्रधान जय प्रकाश सिंह स्थनीय सांसद लल्लू सिंह के करीबी थे। इसमें प्रदेश में हुई कई सिंगल हत्या का चर्चा नही किया गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि दूसरी सरकारों को जंगराज बताने वाले बतावें कि क्या यह जंगल में मंगल है। उन्होंने कहा प्रदेश में अपराध की बाढ़ आ गयी है।हमारी भी निगाह में सब है, विधानसभा में सरकार से एक-एक मामले का जवाब मागूँगा। अकेले इसी महीने में तीर्थराज प्रयागराज क्षेत्र में दर्जन भर हत्या हो गयी। कोरोना संकट काल में मदत के नाम पर लूट मची है लूट। उत्तर प्रदेश हत्याओं से हिल गया है।