" /> 24 घंटे में दो हेड कांस्टेबलों की कोरोना से मौत!

24 घंटे में दो हेड कांस्टेबलों की कोरोना से मौत!

अब तक 25 पुलिसकर्मियों ने गंवाई जान
48 घंटे में 247 पुलिसकर्मी संक्रमित

कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों की तादाद दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कोरोना संक्रमण की वजह से शुक्रवार को बांद्रा पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल की मौत की खबर सामने आई है। वहीं गुरुवार को मालवणी पुलिस में कार्यरत 52 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल की मौत की वजह कोरोना संक्रमण ही था। कोरोना की चपेट में आए महाराष्ट्र पुलिस की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। पिछले 48 घंटे में 247 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए, वहीं पुलिसकर्मियों की मौत का आंकड़ा 25 हो गया। बढ़ती हुई तादाद से खाकी में डर का माहौल बना हुआ है।
कोरोना के मामले महाराष्ट्र में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन 2 हजार से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस इंस्पेक्टर विजय लक्ष्मी के मुताबिक, बांद्रा पुलिस में कार्यरत हेड कांस्टेबल में कुछ दिन पहले कोरोना के लक्षण मिले। कोरोना टेस्ट कराने के बाद उनका रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया, जिसके बाद कांस्टेबल का इलाज पाट्सडैम अस्पताल में किया जा रहा था। शुक्रवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। विजय ने बताया कि वे बहुत ही बहादुर सिपाही थे उन्होंने इलेक्शन ड्यूटी के दौरान अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। वहीं दूसरी तरफ मालवणी पुलिस में तैनात कांस्टेबल की सेहत पहले से ही खराब चल रही थी। बताया जा रहा है कि वे अस्थमा से पीड़ित थे। कुछ दिन पहले उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट किया जो पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। मालवणी पुलिस सूत्रों के अनुसार, मालवणी पुलिस में अभी तक 12 पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, जो शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किए गए हैं। वहीं एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। बता दें कि मुंबई पुलिस में अब तक 16 पुलिसकर्मियों की मौत कोरोना की वजह से हुई है, वहीं राज्य में 2,211 पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आए हैं, जिसमें से 249 अधिकारी हैं एवं 1,962 पुलिस कर्मचारी हैं। राज्य में कोरोना से 25 पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गवां दी। हालांकि, 970 पुलिसकर्मी कोरोना को मात देकर पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नाकेबंदी, बंदोबस्त एवं गश्त के दौरान उनका सीधा सामना लोगों से होता है, जिससे संक्रमण होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है।