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24,74,643 प्रवासी पहुंचे घर : चली 1,757 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें

कोरोना काल में दो मई से 29 मई तक पश्चिम और मध्य रेलवे ने 1,757 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाकर लगभग 24 लाख, 74 हजार, 643 प्रवासी मजदूरों और उनके परिजनों को महाराष्ट्र सरकार ने उनके गृह राज्य में पहुंचाया। इनमें पश्चिम रेलवे ने महाराष्ट्र और गुजरात से 1,183 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाईं। इन ट्रेनों में 17 लाख, 74 हजार, 643 प्रवासी प्रवासी मजदूरों को उनके परिजनों को उनके गृह राज्य में पहुंचाया। मध्य रेलवे ने महाराष्ट्र से 574 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाकर लगभग सात लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य में पहुंचाया।
पश्चिम रेलवे से भेजे गए 17 लाख श्रमिक
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रवींद्र भाकर से मिली जानकारी के अनुसार इन विशेष ट्रेनों में दो मई से 29 मई तक देश के विभिन्न राज्यों में 17 लाख, 74 हजार, 643 यात्रियों को उनके घरों तक पहुंचाया गया है। इनमें से 673 ट्रेनें उत्तर प्रदेश, 269 बिहार, 86 उड़ीसा, 31 मध्य प्रदेश के लिए चलाई गईं। साथ ही झारखंड के लिए 41, छत्तीसगढ़ के लिए 16, राजस्थान के लिए आठ, उत्तराखंड के लिए छह और पश्चिम बंगाल के लिए 15 ट्रेनें चली हैं। इनके अलावा श्रमिक विशेष ट्रेनें गुजरात, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, असम और महाराष्ट्र के लिए भी चलाई गईं। भाकर ने कहा कि इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों ने महानगरों में फंसे हुए मजदूरों और उनके परिवारों के तेजी से परिवहन को सुगम बनाने में उल्लेखनीय मदद की है।
मध्य रेलवे ने 7 लाख श्रमिकों को पहुंचाया घर
मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार जैन से मिली जानकारी के अनुसार मध्य रेलवे ने 574 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाकर 7 लाख प्रवासी मजदूरों और उनके परिजनों को उनके गृह राज्य में पहुंचाया। इनमें से उत्तर प्रदेश के लिए 290 ट्रेनें, बिहार के लिए 155, मध्य प्रदेश के लिए 28, पश्चिम बंगाल के लिए 36, झारखंड के लिए 20, उड़ीसा के लिए 13, छत्तीसगढ़ के लिए छह, राजस्थान के लिए नौ, तमिलनाडु के लिए पांच ट्रेनें चली हैं। इनके अलावा श्रमिक विशेष जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल के लिए भी चलाई गईं। अनिल जैन ने कहा कि सेंट्रल रेलवे ने महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा ट्रेनें चलाकर श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।