" /> प्रशांत महासागर में डटे ३ एयरकाफ्ट कैरियर!, अमेरिका ने शुरू की चीन की घेराबंदी

प्रशांत महासागर में डटे ३ एयरकाफ्ट कैरियर!, अमेरिका ने शुरू की चीन की घेराबंदी

चीन ने न सिर्फ लद्दाख बल्कि दक्षिण चीन सागर में भी कब्जा अभियान छेड़ दिया है। वह ताइवान को तो परेशान कर ही रहा है, साथ ही इलाके के कई अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र द्वीपों पर भी कब्जा करके वहां अपनी फौज जमा कर रहा है। उसकी इस हरकत को देखते हुए अमेरिका ने भी चीन की घेराबंदी शुरू कर दी है। अमेरिका ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को उस ओर भेजा है।

मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण चीन सागर में चीनी ड्रैगन की बढ़ती दादागिरी पर नकेल कसने के लिए अमेरिका ने अपने ३ एयरक्राफ्ट कैरियर हिंद और प्रशांत महासागर में तैनात किए हैं। करीब तीन साल में ऐसा पहली बार है जब इस क्षेत्र में तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के क्रूजर, डिस्ट्रॉयर, लड़ाकू विमान और निगरानी ड्रोन विमान भी लगातार गश्‍त लगा रहे हैं।
विश्‍लेषकों का मानना है कि यह अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव से प्रभावित हिंद और प्रशांत महासागर क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के बड़े शक्ति प्रदर्शन को दर्शाता है। नौसेना के क्रूजर, विध्वंसक पोतों, लड़ाकू विमानों और अन्य विमानों के साथ असामान्य तरीके से तीन विमानवाहक पोत ऐसे समय में एक साथ नजर आए हैं, जब अमेरिका ने कोरोना वायरस से निपटने के चीन के तौर तरीकों की आलोचना तेज कर दी है। अमेरिका ने हांगकांग पर व्यापक नियंत्रण करने के कदमों और दक्षिण चीन सागर में मानव निर्मित द्वीपों पर सैन्य मौजूदगी के चीन के अभियान की भी आलोचना की है। सेंटर फॉर स्ट्रटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में चाइना पॉवर प्रॉजेक्ट के निदेशक, बोनी ग्लेजर ने कहा, ‘चीनी लेखों में कुछ इस तरह के संकेत मिले हैं कि अमेरिका कोविड-१९ से बुरी तरह प्रभावित है, उसकी सैन्य तैयारियां कम हैं, शायद इसलिए अमेरिका ने चीन को यह संदेश देने के लिए प्रयास किया है कि उसे गलत आकलन नहीं करना चाहिए।’