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30 सेकेंड का छल्ला!

-अबकी बार वलयाकार सूर्य ग्रहण
-900 साल बाद दिखेगा यह दुर्लभ नजारा

*21 जून को लगेगा सूर्य ग्रहण
*नग्न आंखों से नहीं देखना है
*अधिकतम दूरी पर होगा सूर्य

ग्रहण हम भारतीयों के मन में हमेशा कौतूहल जगाता है। उसपर भी अगर सूर्य ग्रहण हो बात ही क्या। पिछले कुछ दिनों से आगामी 21 जून के सूर्य ग्रहण चर्चा में छाया है। इसकी वजह भी है। यह वाकई कुछ खास है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 900 साल बाद ऐसा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इसकी वजह दूरी है। इस दूरी के कारण ग्रहण के वक्त सूर्य 30 सेकेंड के लिए रिंग यानी छल्ला जैसा दिखेगा। होगा न अद्भुत नजारा!
इस ग्रहण के दौरान वलयाकार  स्थिति की अवधि 30 सेकेंड तक ही रहने के कारण सौर वैज्ञानिक इसे दुर्लभ सूर्यग्रहण मान रहे हैं। तब सूर्य एक छल्ले की तरह नजर आएगा। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वरिष्ठ सौैर वैज्ञानिक व पूर्व निदेशक डॉ. वहाबउद्दीन के अनुसार ग्रहण का बनना अपने आप में अद्भुत संयोग है। इस बार के सूर्यग्रहण में जो स्थिति बनने जा रही है, उसी ने इसे दुर्लभ ग्रहणों में शुमार किया है। इसकी वजह है सूर्य व चंद्रमा के बीच की दूरी।
ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी से अधिकतम दूर यानी 15,02,35,882 किमी दूर होगा। वहीं, चंद्रमा भी 3,91,482 किमी दूरी से अपने पथ से गुजर रहा होगा। यदि चंद्रमा, पृथ्वी से और नजदीक होता तो यह पूर्ण सूर्यग्रहण बन जाता। वहीं, सूर्य यदि थोड़ा नजदीक होता तो ग्रहण का स्वरूप भी कुछ भिन्न होता। परंतु यह ग्रहण वलयाकार लगने जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को नहीं ढक पाएगा। चंद्रमा करीब 30 सेकेंड के लिए ही सूर्य के अधिकांश हिस्से को ढक पाएगा। इस दौरान सूर्य का आखिरी हिस्सा एक रिंग के समान नजर आएगा। तीस सेकेंड बाद ग्रहण छंटना शुरू हो जाएगा।
इस दौरान एक और घटना देखने को मिलेगी, जिसमें चंद्रमा के गड्ढे से होकर गुजरती सूर्य की किरणों को देखा जा सकेगा। ग्रहण के दौरान यह घटना दो बार होती है। इसे बैलीज बीड्स कहा जाता है। ग्रहण लगने के कुछ देर बाद ही इसे देख सकते हैं। इस नजारे को देखने के लिए सौर वैज्ञानिक समेत खगोल प्रेमी उत्सुक रहते हैं।

चांद से 400 गुना बड़ा सूर्य
यह संयोग भी बेहद दिलचस्प है कि चंद्रमा और सूर्य के आकार में अत्यधिक फर्क है। इनका आभासीय आकार अंतरिक्ष में एक समान नजर आता है। इन दोनों का आभाषीय आकार आधा डिग्री का है, जबकि वास्तविकता यह है कि सूर्य चंद्रमा से 400 गुना बड़ा है। इसके बावजूद चंद्रमा सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य की रोशनी को धरती पर आने से रोक लेता है। डॉ. वहाबउद्दीन के अनुसार पूरे देश में दिखने जा रहे इस सूर्यग्रहण को नग्न आंखों से देखने की भूल कतई न करें। इससे आंखों के लिए खतरा उत्पन्न होता है। यहां तक कि आंखों की रोशनी भी जा सकती है। इसके लिए सोलर चश्मे व विशेषज्ञों की सलाह लेकर अन्य सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करें।