" /> 43 लाख यात्रियों का टिकट रद्द : पश्चिम रेलवे ने दिया 136 करोड़ रिफंड

43 लाख यात्रियों का टिकट रद्द : पश्चिम रेलवे ने दिया 136 करोड़ रिफंड

लॉकडाउन में ट्रेनें नहीं चल रही हैं, जिसका हर तरह से नुक़सान हो रहा है। ट्रेनों के नाम पर फिलहाल श्रमिक और कुछ रूट पर विशेष ट्रेनें चल रही हैं, जिससे लॉकडाउन में फंसे लोग अपने गंतव्य स्थानों पर जा रहे हैं। पिछले दो महीनों में सभी ट्रेनें रद्द हो गईं। पश्चिम रेलवे के मुताबिक 43.60 लाख यात्रियों के टिकट रद्द हुए हैं। केवल मुंबई डिवीजन में 136 करोड़ रिफंड सुनिश्चित किया गया है।

एक हजार करोड़ का नुकसान
पश्चिम रेलवे पर लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों पर ब्रेक लगने से अनुमानित नुक़सान 1046.37 करोड़ रुपए का हुआ है। पश्चिम रेलवे ने टिकटों के निरस्तीकरण के फलस्वरूप 284.47 करोड़ रुपए की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में अकेले मुंबई डिवीजन ने 135.98 करोड़ रुपए का रिफंड सुनिश्चित किया है। अब तक 43.60 लाख यात्रियों ने पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिए हैं और तदनुसार उनकी रिफंड राशि प्राप्त की है। टिकट खिड़कियों पर रिफंड की व्यवस्था हाल ही में शुरू हुई है।

मालवहन से हुई भरपाई
कोविड-19 महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन के बावजूद, श्रमिकों और परिवहन की तमाम मुश्किल के बीच वित्तीय वर्ष 2020-21 में, 26 मई, 2020 तक, पश्चिम रेलवे द्वारा कंटेनर और गैर-कंटेनर लोडिंग के अंतर्गत 4,230 रेकों का संचालन किया गया, जिनके फलस्वरूप लगभग 952 करोड़ रुपए की आय अर्जित हुई है। लॉकडाउन में अत्यावश्यक सेवाओं के लिए पार्सल ट्रेनें चलाकर लोगों को राहत पहुंचाई गई। पश्चिम रेलवे द्वारा 41 हजार टन से अधिक वजन वाली अत्यावश्यक सामग्री को 274 पार्सल विशेष गाड़ियों के जरिये ले जाया गया, जिनसे 12.43 करोड़ रुपए से अधिक की आय हुई। 22 मार्च से 27 मई, 2020 तक, मालगाड़ियों के कुल 4,729 रेकों का उपयोग भी 9.60 मिलियन टन की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया है।

पश्चिम रेलवे पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
2 मई से 26 मई तक पश्चिम रेलवे द्वारा 1,098 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया है, जो लगभग 16.39 लाख यात्रियों को उनकी मंजिलों तक पहुंचा चुकी हैं। 26 मई को पश्चिम रेलवे ने 68 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया, जिनमें गुजरात से 48 और महाराष्ट्र से 20 ट्रेनें चलाई गईं। इन श्रमिक विशेष ट्रेनों में से बिहार के लिए 15 ट्रेनें चलीं, जबकि उत्तर प्रदेश के लिए 35, उड़ीसा (7), पश्चिम बंगाल (4), झारखंड (3) तथा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल और असम के लिए एक-एक श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई गईं। 26 मई, 2020 को पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय क्षेत्र के विभिन्न स्टेशनों में से बांद्रा टर्मिनस से 7, बोरीवली से 6 और वसई रोड से 7 ट्रेनों का परिचालन किया गया।