" /> गलवान घाटी तक धीरे-धीरे ५६ किलोमीटर चीन की घुसपैठ!, क्या भारतीय इंटेलिजेंस से कोई चूक हुई?

गलवान घाटी तक धीरे-धीरे ५६ किलोमीटर चीन की घुसपैठ!, क्या भारतीय इंटेलिजेंस से कोई चूक हुई?

ड्रैगन चीन की नजरें बरसों से भारतीय लद्दाख पर लगी हैं। वह धीरे-धीरे उस ओर बढ़ता रहा। अपने इलाके में पक्की सड़कें बनाता और लाव-लश्कर जुटाता गया। पर भारत की खुफिया व मिलिट्री एजेंसियों को इसकी भनक का न लगना वाकई चिंता का विषय है। गलवान घाटी में जहां हिंसक भिड़ंत हुई, वहां से चीनी सैनिकों का मेन बेस ५६ किलोमीटर चीन के भीतर है। दूसरे शब्दों में कहें तो चीन ५६ किलोमीटर की घुसपैठ कर गया और भारत की सरकार को या तो पता नहीं चला या वह खामोशी से तबतक तमाशा देखती रही, जबतक पानी गले तक आ नहीं गया।

लद्दाख का वो इलाका जहां खूनी झड़प हुई, वहां तक चीन धीरे-धीरे योजना के तहत बढ़ता गया। चीन के बेस कैंप से करीब १०-१५ किलोमीटर आगे चीनी सैनिकों के दो पोस्ट हैं। सामान्य तौर पर चीनी सैनिक इसी पोस्ट में रहते और आगे नहीं आते। बेस से इन दोनों पोस्ट तक तो चीन ने पक्की सड़क बना ही ली है, इन पोस्ट के आगे भी कई किलोमीटर तक उसने धीरे-धीरे पक्की सड़क बना ली है। यही वजह है कि वो धीरे-धीरे अपने सैनिकों के साथ तोपखाना जैसे भारी हथियार आगे बढ़ाता रहा। खूनी झड़प स्थल से करीब ५ से १० किलोमीटर पीछे के चीनी इलाके में ही सिर्फ कच्ची सड़क है। चीन इस सड़क पर भी धीरे-धीरे अपनी भारी फौज को आगे बढ़ाता रहा। दरअसल जब गत मई के महीने में चीनी सैनिकों के साथ गलवान घाटी में झड़प हुई थी तभी धोखेबाज ड्रैगन के इरादे समझ जाने चाहिए थे। पर इधर से बातचीत की पेशकश होती रही और चीन मूर्ख बनाता रहा। ६ जून को जब कमांडर लेवल की बातचीत शुरू हुई तब चीन के पहले ५ और फिर ढाई किलोमीटर पीछे जाने की बात सामने आई थी। पर वो झूठ था। चीन ने झड़प स्थल के ठीक पीछे भारी सेना जमा कर रखी है। स्वतंत्र एजेंसी प्लेनेट लैब्स द्वारा झड़प के १५ घंटे बाद ली गई कुछ हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें मीडिया में आई हैं, जिसमें इस बात की पुष्टि होती है कि ड्रैगन अभी भी पीछे नहीं हटा और वहीं डटा हुआ है। ऐसे में चीन के विदेश मंत्रालय का यह कहना कि बातचीत से इस मसले को सुलझा लेंगे, ड्रैगन के एक और झूठ के सिवा और कुछ भी नहीं है। चीन पूरे योजनाबद्ध तरीके से वहां आया है और अभी भी भारत की आंखों में धूल झोंकने के अलावा और कुछ नहीं कर रहा है। ऐसे में भारत को काफी समझ-बूझकर ड्रैगन द्वारा रचे इस चक्रव्यूह का सामना करना और इससे बाहर निकलना है।