" /> लॉक डाउन में ‘लेट’ होती रेल परियोजनाएं

लॉक डाउन में ‘लेट’ होती रेल परियोजनाएं

पांचवी-छठी लाइन परियोजना की डेडलाइन पांचवी बार बढ़ी
जून 2021 में पूरा होगा काम
लॉक डाउन में सब कुछ बंद है, ऐसे में उन परियोजनाओं का क्या होगा, जिन पर सालों से काम चल रहा है और इस साल पूरे होनेवाले थे। मध्य रेलवे पर ऐसा ही एक सबसे महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट है। ठाणे-दिवा के बीच पांचवीं-छठी लाइन का प्रॉजेक्ट। 2008 में इस परियोजना का खर्च 130 करोड़ रुपए था, अब इस पर 530 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इस साल दिसंबर तक प्रॉजेक्ट को पूरा होना था लेकिन लॉक डाउन की वजह से अब डेडलाइन भी आगे हो गई। अब ये काम जून 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है।

कोटा में तैयार हो रहा 100 टन का ब्रिज
इस प्रॉजेक्ट में एक स्टील का ब्रिज लगनेवाला है। मुंबई रेलवे विकास निगम (एमआरवीसी) द्वारा इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है। एमआरवीसी के अनुसार, करीब 100 टन का यह ब्रिज राजस्थान के कोटा में तैयार हो रहा है। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह ब्रिज है। इस ब्रिज को कोटा में बनाकर मुंबई ट्रांसपोर्ट किया जाएगा और यहीं असेम्बल किया जाएगा। इस ब्रिज के अलावा करीब 250 टन का ब्रिज मुंब्रा के पास लगना है, जो मुंबई पहुंच चुका है। एमआरवीसी के अनुसार ब्रिज का काम पूरा होने के बाद परियोजना समाप्त होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

लॉकडाउन 3.0 में शुरू हुआ काम
एमआरवीसी के अनुसार लॉक डाउन 3 में कुछ रियायतें मिलने के बाद अब साइट पर काम शुरू हुआ है। सीमित मजदूरों के साथ ब्रिज के अलावा जो भी छोटे-मोटे काम हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है। वैसे ब्रिज असेम्ब्लिंग का काम मॉनसून से पहले पूरा करना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण देरी हो गई। इन समस्याओं के अलावा सिमेंट की जरूरत भी है, जिसकी सप्लाई अभी हो नहीं रही है। साइट पर सिमेंट का कोई प्लांट नहीं होने के कारण समस्या हो रही है जबकि अभी भी कुछ टन सिमेंट की जरूरत है। लॉक डाउन के कारण सप्लाई चैन गड़बड़ हो चुकी है।

पांचवी बार बढ़ी डेडलाइन
इस परियोजना की डेडलाइन अब पांचवी बार बढ़ाई जा चुकी है। अब इस ब्रिज का काम जून 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस बार हालात बस में नहीं है, अन्यथा दिसंबर तक काम पूरा होना था। मध्य रेलवे और मुंबई के लिए ये बहुत ही जरूरी प्रोजेक्ट है। पांचवी-छठी लाइन के कारण उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग पाथ मिलनेवाला है। इससे ट्रेनों के परिचालन में 30% तक सुधार की संभावना है। ये ब्रिज ठाणे की खाड़ी पर बनेगा और इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ब्रिज अंत से शुरू होनेवाली लाइन जो की नए कलवा स्टेशन तक जाएगी, का काम पूरा हो चुका है। नए कलवा स्टेशन का काम भी अभी बाकी है।

ठाणे और दिवा के बीच 9 किमी की दूरी पर अभी चार लाइन हैं। जबकि, दिवा से कल्याण और ठाणे से कुर्ला तक 6 लाइन हैं। मतलब दिवा और ठाणे के बीच 2 और लाइन की कमी के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 9 किमी पर इन अतिरिक्त लाइन की कमी से उपनगरीय सेवाएं और लंबी दूरी की ट्रेनें कॉमन ट्रैक पर चलती हैं, जिससे ट्रेनों के परिचालन में देरी होती है।