" /> 75 दिन बाद नई मुंबई में खुली दुकानें : ग्राहकों का रहा अभाव

75 दिन बाद नई मुंबई में खुली दुकानें : ग्राहकों का रहा अभाव

लगभग 75 दिन के बाद नई मुंबई में शुक्रवार से दुकानें खोलने की अनुमति दे दी गई है लेकिन इस शर्त के आधार पर कि फेज-1 और फेज-2 के तहत सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर दुकानों को खोला जाएगा। फिर भी ज्यादातर दुकानें बंद रहीं और जो दुकानें खुली थीं वहां ग्राहकों का अभाव देखा गया।
नई मुंबई मनपा प्रशासन की तरफ से जो निर्देश दिए गए हैं, उसमें साफतौर पर कहा गया है कि एक दिन छोड़कर दुकानें खुलेगी। एक दिन एक तरफ की तो दूसरे दिन दूसरी तरफ की दुकानें खुलेंगी। इसी तरह पनवेल महानगरपालिका ने भी शुक्रवार से दुकानों को कुछ नियम व शर्तों के आधार पर खोलने की अनुमति दे दी है। नई मुंबई के अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों को खोलने का दिन सुनिश्चित किया गया है। एक दिन सड़क की एक साईड की दुकानें खोली जाएंगी तो दूसरी ओर की दुकानें बंद रखी जाएंगी। हालांकि दुकानें खुली तो जरूर परंतु दिन भर में 5 प्रतिशत ग्राहक नजर आए, फिलहाल कोरोना को लेकर नागरिक भयभीत हैं और ज्यादातर लोग अपने मूलगांव की ओर प्रस्थान कर गए हैं इसलिए दुकान खुलने के बाद जो भीड़ होनी चाहिए थी वो न के बराबर थी। शुक्रवार को कुछ ही दुकानें खुली थीं, जबकि ज्यादातर दुकानें बंद देखी गईं। ज्वेलर्स, कपड़ा, हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रिक जैसी दुकानें खुली थीं लेकिन ग्राहकों के अभाव में दुकानदार अपनी दुकानों पर गप्पे मारते नजर आए। अधिकांश दुकानों में दो से तीन लोग नजर आए। जहां 10 लोग काम करते थे वहां अब दो कर्मचारियों पर पूरी जिम्मेदारी है। इसलिए दुकान मालिकों को कामगारों के न होने का एहसास अब होने लगा है।
ज्वेलर्स व्यापारी राजू राजपुरोहित ने कहा कि जिस नियम व शर्त के आधार पर दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, इससे ज्वेलर्स व्यापारी खुश नहीं हैं, एक तो कामगारों की कमी ऊपर से एक दिन बंद तो एक दिन शुरू करने की प्रक्रिया से लोग नाखुश हैं। एक तरफ लॉकडाउन की वजह से व्यापारी तबाह हो चुके हैं और ऊपर से आसमान छू रहे सोने के भाव से मार्केट में सोना खरीदनेवाले ग्राहक कहां हैं।