आरे में पेड़ काटने को लेकर विरोध प्रदर्शन

मुंबईकर और पर्यावरणप्रेमी हुए क्रोधित
आंदोलनकारियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
आरे जानेवाले मार्ग पर नाकाबंदी

मुंबई के उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को `आरे’ वन भूमि पर मेट्रो-३ के कार्य के लिए पेड़ काटने की मंजूरी देने के बाद रातों-रात पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई, जिस पर मुंबईकर और पर्यावरण प्रेमियों ने अपना क्रोध व्यक्त किया। पेड़ काटने की खबर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हजारों मुंबईकर दौड़कर आरे पहुंचे और पेड़ काटने का विरोध किया। इस दौरान पुलिस ने कई आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। जबकि २९ लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरे जानेवाले मार्ग पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी भी की गई। इस क्षेत्र में पुलिस की बड़ी संख्या तैनात होने के कारण `आरे’ का इलाका पुलिस छावनी का रूप ले चुका है। न्यायालय का निर्देश होने का हवाला देकर पेड़ काटनेवाला प्रशासन नागरिकों की सुविधाओं के विषय में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने में कभी इतनी शीघ्रता नहीं दिखाता, ऐसा सवाल खड़ा हो रहा है। मेट्रो द्वारा पेड़ों की कटाई को लेकर `पेड़ बचाओ, मुंबई बचाओ’ ऐसे जोरदार नारे लगाए गए। ऐसे में पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। आंदोलनकारियों के बढ़ते हुए गुस्से को देखकर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे, मरोल और पवई में आरे जानेवाले मार्ग पर नाकाबंदी की गई। जिसकी वजह से इस मार्ग पर ट्रैफिक जाम होने के कारण वहां से आने-जानेवाले लोगों ने भी अत्यधिक क्रोध व्यक्त किया।

अंधेरे में पेड़ काटना है नियमों के विरूद्ध
शिवसेना जाएगी सर्वोच्च न्यायालय
‘आरे जंगल नहीं है’ मुंबई हाईकोर्ट द्वारा ऐसा निर्णय सुनाने के बाद मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने रातों-रात पेड़ों की कटाई शुरू कर दी, जिसे शिवसेना ने नियम विरूद्ध बताया है। स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव ने कहा है कि मेट्रो की इस मनमानी के विरोध में शिवसेना सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
आरे में मेट्रो कारशेड का निर्माण करने के लिए २,७०० पेड़ों को काटा जाएगा जबकि कारशेड के लिए कांजुरमार्ग का विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद आरे में ही कारशेड निर्माण के लिए पेड़ों का कत्ल क्यों कर रहे हैं, ऐसा सवाल भी यशवंत जाधव ने किया। स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव ने सवाल किया है कि आरे में मेट्रो कारशेड का निर्माण कर वृक्षों का कत्ल क्यों कर रहे हो? मुंबई के विकास के लिए अमल में लाई जा रही मेट्रो जैसी परियोजना का शिवसेना ने कभी भी विरोध नहीं किया लेकिन विकास के नाम पर अगर पर्यावरण का नुकसान हो रहा है तो शिवसेना का हमेशा विरोध रहेगा ऐसा जाधव ने कहा। यशवंत जाधव ने यह भी सवाल किया कि जब उच्च न्यायालय ने आरे के जंगल न होने का निर्णय दे ही दिया है तो फिर पेड़ों की कटाई की इतनी जल्दी क्यों?

शिवसेना की रणरागिनियों का आंदोलन
विकास के नाम पर होनेवाली पेड़ों की कटाई का शिवसेना ने जमकर विरोध किया है इसलिए जब मेट्रो कारशेड के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई की खबर आई तो शिवसेना की रणरागिनियां आंदोलन करने के लिए आरे पहुंचीं। ऐसे में वहां पर ‘आरे बचाओ, जंगल बचाओ, मुंबई बचाओ’ की जोरदार घोषणा की गई। पुलिस द्वारा कई आंदोलकारियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें शिवसेना की रणरागिनियां भी शामिल थीं। पुलिस द्वारा विधि समिति की अध्यक्ष और नगरसेविका शीतल म्हात्रे, पूर्व महापौर शुभा राऊल, सीनेट सदस्य शीतल शेठ देवरुखकर और संजना घाड़ी को गिरफ्तार किया गया। शिवसेना ने मेट्रो कारशेड के नाम पर पेड़ों की कटाई की कड़ी निंदा की।