भगोड़ों की शामत, दो वांछित वर्षों बाद धराए

मुंबई पुलिस के लिए कल का दिन उपलब्धियों वाला रहा। इसमें दो अलग-अलग मामलों में वर्षों से फरार दो भगोड़े पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जिनमें बिहार में फिरौती के लिए अपहरण व हत्या के दो मामलों में १६ साल से फरार आरोपी की गिरफ्तारी भी शामिल है।
बता दें कि वर्ष २००१ और २००३ में बिहार के नालंदा जिले में फिरौती के लिए दो लोगों का अपहरण किया गया था, बाद में अपहृतों की हत्या कर दी गई थी। इसकी शिकायत नालंदा जिले के अष्टवन (सारे) पुलिस थाने व अष्टवन (बिंद) पुलिस थानों में दर्ज हुई थी। इस मामले में वांछित आरोपी जयराम कुमार कांताप्रसाद पिछले १६ वर्षों से मुंबई के गोरेगांव इलाके में नाम बदलकर रह रहा था। हाल ही में बिहार पुलिस को इसकी टिप लग गई। बिहार पुलिस के अधीक्षक ने इस बारे में जोन-११ के पुलिस उपायुक्त संग्रामसिंह निशानदार से मदद मांगी थी। निशानदार के मार्गदर्शन तथा  गोरेगांव पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजीव भोले के नेतृत्व में पीएसआई संदीप पाचांगणे की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मोतीलाल नगर इलाके से आरोपी जयराम को ढूंढ़ निकाला। इसी तरह मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-८ ने वसूली मामले में २५ वर्षों से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी विवेक उर्फ विक्की नारायण रुकय्या के खिलाफ वर्ष १९९१ में जोगेश्वरी पुलिस थाने में वसूली का मामला दर्ज हुआ था। वह कई वर्षों से भायंदर-पूर्व में नाम बदलकर रह रहा था।