रनवे पर रण! चार दिनों से चल रहा बचाव कार्य

सोमवार रात मुंबई एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होते होते टल गया। जयपुर से मुंबई आ रहा ‘स्पाइसजेट’ का बोइंग ७३७-८०० विमान मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई एयरपोर्ट के मुख्य रनवे से फिसलते हुए २५० मीटर दूर कच्ची जमीन पर उतर गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई लेकिन प्लेन का आगे का गेयर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया और प्लेन के अगले हिस्से ने जमीन पकड़ ली। इस हादसे के चलते मुंबई एयरपोर्ट के मुख्य रनवे पर विमानों की आवा-जाही पूरी तरह ठप पड़ गई है और सैकड़ों एयरलाइंस रद्द हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों और अन्य एयरलाइंस को भी काफी तकलीफ हो रही है। तकलीफ होना भी लाजिमी है, मुंबई एयरपोर्ट देश का दूसरा व्यस्ततम एयरपोर्ट जो है। ऐसे में फंसे हुए प्लेन को निकालने और मुख्य रनवे को एयर ट्रैफिक के लिए क्लियर करने के कार्य को एयर इंडिया के इंजीनियर अंजाम दे रहे हैं। यदि प्लेन को निकाला नहीं गया तो उसे स्व्रैâप घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे में जमीन में धंसे स्पाइसजेट के प्लेन को रेस्क्यू कर फिर से रनवे पर लाने का मेजर ऑपरेशन एयर इंडिया की रिकवरी टीम द्वारा किया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपेरशन के चीफ बिबेक बागची ने बताया, ‘मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) द्वारा कच्चे रास्ते को पक्का करने का कार्य किया जा रहा है ताकि प्लेन को टो कर रनवे पर लाया जा सके। बारिश हमारे लिए बड़ी बाधा बन रही है सब कुछ तय प्लान के मुताबिक रहा तो शुक्रवार की शाम तक प्लेन को रनवे पर ला दिया जाएगा। संभवत: रात से या अगली सुबह से मुख्य रनवे प्लेनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
रेस्क्यू टीम के समक्ष चुनौतियां
एयर इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक मुकेश भाटिया ने बताया कि यदि बारिश नहीं होती तो प्लेन को महज कुछ घंटों में रनवे पर लाया जा सकता था लेकिन नरम व गीली मिट्टी, बारिश हमारे समक्ष चुनौती के रूप में खड़ी है। प्लेन कच्ची जमीन के काफी अंदर घुस चुका था। प्लेन का अगला पहिया (स्टेरिंग) पूरी तरह नष्ट हो गया। ऐसे में प्लेन को निकालने के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक महत्त्वपूर्ण भाग है जो जीवीके बना रहा है।
ऐसे निकलेगा विमान
एयर इंडिया प्रवक्ता धनंजय कुमार ने बताया कि रेस्क्यू टीम के पास विशेष रेस्क्यू किट है, जिसमें बड़े एयर बैग, उसे हवा भरने के लिए पाइप और मशीन हैं। विमान के नीचे ४ एयर बैग को लगाया जाएगा और उसमें उपकरण की मदद से हवा भरी जाएगी, जिससे मिट्टी में धसा विमान ऊपर उठने लगेगा। इसके बाद विमान के आगे के हिस्से को बड़े से ट्रेलर पर रखा जाएगा। इसके बाद विमान को खींचकर दोबारा रनवे पर लाया जायेगा।
वर्तमान स्थिति
बिबेक बागची ने बताया कि मंगलवार को सुबह १२ बजे ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। शाम ४ बजे तक प्रत्येक ३० टन के एयर बैग को प्लेन के नीचे डाल दिया गया था। उसके बाद रात ८ बजे तक प्लेन को उठा लिया गया था। यह कार्य जल्दी हो सकता था लेकिन बारिश और नरम मिट्टी के चलते हमें बड़ी सावधानी से कार्य करना पड़ रहा था। सुबह के ३ बजे तक एमआईएएल द्वारा सख्त रोड बना लिया गया ताकि प्लेन फिर से मिट्टी में धंस न जाए। प्लेन अब पक्की सड़क से लगभग ३० मीटर दूर है। सड़क बनाने का कार्य अब भी जारी है। आज शाम तक प्लेन को लगभग निकाल लिया जाएगा।
दक्षिण पूर्वी एशिया में एयर इंडिया है काबिल
बिबेक बागची ने बताया कि पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया में एयर इंडिया के पास ही ऐसे उपकरण और एक्सपर्ट उपलब्ध हैं, जो फंसे हुए प्लेन को बाहर निकाल सकते हैं। विशेष उपकरणों और एयर इंडिया रेस्क्यू टीम की वजह से विगत एक दो वर्ष में ही हिंदुस्थान के एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए विमानों को सफलतापूर्वक बाहर निकालने का कार्य बड़े ही काबिलियत से एयर इंडिया की रेस्क्यू टीम ने किया है। पिछले ५० साल से एयर इंडिया इंटरनेशनल एयरलाइंस टेक्निकल पूल (आईटीए) से लैस है।
१५ सदस्य कर रहे दिन-रात मेहनत
एयर इंडिया की रेस्क्यू टीम में १५ मेंबर है जो जमीन में धंसे स्पाइस जेट को निकालने के लिए मंगलवार सुबह ८ बजे से मशक्कत कर रहे हैं। इनमें से कई ऐसे कर्मचारी है, जो भारी बारिश के बावजूद जैसे-तैसे घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपेरशन में जुट गए तो कुछ कर्मचारी मैंगलोर में हुए प्लेन हादसे में प्लेन को रेस्क्यू कर मुंबई लौटे और तुरंत स्पाइस जेट को बचाने के लिए पहुंच गए।
एयर इंडिया ने बचाए कई प्लेन
एयरपोर्ट पर लैंडिंग या उड़ान के समय रनवे से उतरने या टायर फटने जैसे हादसे का शिकार हुए कई प्लेन को सुरक्षित बाहर निकाला है। विगत कुछ साल में कम से कम ७ से ८ हादसों में प्लेन को रेस्क्यू करने का कार्य एयर इंडिया की रेस्क्यू टीम ने किया है। काठमांडू में फंसे तुर्किश एयरलाइन को भी एयर इंडिया की रेस्क्यू टीम ने ही बाहर निकाला था। अधिकारियों की मानें तो स्पाइस जेट की भी वही स्थिति है। स्पाइस जेट के आगे का हिस्सा, स्टेरिंग और इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यह प्लेन बिना सहायता के हिल भी नहीं सकता है।