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बगावती बोट! -अलीबाग के पास पलटी

बोट का काम है पानी पर चलना और लोगों को उनकी मंजिल पर पहुंचाना। पर अगर बीच समुद्र में बोट बगावत कर दे और डूबने लगे तो उस भयावह स्थिति की कल्पना कीजिए। कल अलीबाग के पास एक ऐसा ही नजारा दिखा जब एक बोट बगावत करते हुए बीच समुद्र में पलट गई और इस पर सवार ८८ लोग समुद्र में डूबने लगे।
मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से यह नाव अलीबाग जा रही थी। नाव में सैलानी सवार थे। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को जान का नुकसान नहीं हुआ। हादसे के बाद दो पुलिस कर्मचारियों ने सभी को बचा लिया। यह बोट अचानक से पलट गई, जिसके बाद से नाव पर सवार सैलानियों में डर का माहौल बन गया, लेकिन घटना के तुरंत बाद वहां मदद भी पहुंच गई। वक्त रहते अलीबाग के मांडवा पुलिस कर्मचारी प्रशांत घरत और सदगुरु इन दोनों ने मिलकर डूब रहे सैलानियों का बचाव कर लिया। दोनों ने बिना किसी देरी के हादसे का शिकार ८८ सैलानियों को वक्त रहते बचा लिया।

चट्टान से टकराकर समुद्र में डूबी बोट
रायगढ़ जिले के अंतर्गत शनिवार सुबह करीब १० बजे के आस-पास एक नाव अचानक बीच समंदर में डूबने लगी। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। बताया जा रहा है कि नाव गेटवे ऑफ इंडिया से निकल कर मांडवा जा रही थी। कुछ दूर जाने के बाद बीच समंदर में अचानक नाव का संतुलन खो गया और नाव पानी में डूबने लगी। कुछ जानकारों का मानना है कि बोट चट्टान से टकराने के कारण समुद्र में डूबी। नाव के सतर्क कर्मचारी ने तुरंत यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा। राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो गया। नाव में कई महिलाएं एवं छोटे बच्चे भी मौजूद थे। उसी समय रायगढ़ तटरक्षक पुलिस की नाव जो गस्त लगा रही थी उसकी नजर इस डूबती हुई नाव पर पड़ी। मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ३ से ४ स्पीडबोट राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई।
पुलिस और नाव पर तैनात २ लाइफगार्ड की मदद से डूबती हुई नाव के सभी ८८ यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद यात्रियों को सकुशल किनारे लाया गया। सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नाव अजंता नामक कंपनी की बताई जा रही है। रायगढ़ पुलिस के प्रवक्ता सुरेश यमगर ने बताया कि डूबती हुई नाव के यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर तुरंत पुलिस का गस्ती दल उनके पास पहुंचकर बचाव का कार्य शुरू कर दिया। आशंका है कि नाव पानी में एक बड़े चट्टान से टकरा गई होगी, जिसकी वजह से नाव में पानी भरने लगा और नाव डूबने लगी। हालांकि नाव के डूबने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। घटना की जांच जारी है।

बोट बचानेवाले पुलिसकर्मियों की मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा
मांडवा (अलीबाग) के पास समुद्र में डूबती हुई बोट पर बैठे महिला व बच्चों सहित ८८ लोगों की जान बचानेवाले रायगढ़ पुलिस की समुद्री सुरक्षा के जवानों की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रशंसा की है। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी दुर्घटना को टालने में सफलता मिली है। अपने जीवन की परवाह न करते हुए लोगों को बचानेवाले समुद्री पुलिस की कार्यक्षमता की मुख्यमंत्री ने दाद दी। बता दें कि कल सुबह गेट-वे-ऑफ इंडिया से मांडवा जेट्टी के बीच यातातात करनेवाली अजिंठा नामक बोट दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मांडवा जेट्टी से एक किमी दूर जाने पर अचानक बोट डूबने लगी। महिला व छोटे बच्चों सहित अन्य यात्रियों ने मदद के लिए पुकारना शुरू किए। गस्ती कर रही रायगढ़ जिला पुलिस समुद्री सुरक्षा दल की सद्गुरु कृपा बोट ने तत्काल प्रतिसाद दिया। इस दल के प्रशांत घरत, पो. ना बक्कल नं ८९१ अन्य लोगों की मदद से डूबती हुई बोट पर सवार पुरुष, महिला व बच्चों सहित कुल ८८ लोगों की जान बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में कामयाब हुए। मुख्यमंत्री ने समुद्री सुरक्षा के जवानों की जमकर प्रशंसा की है।