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…और सोता ही रह गया फैज!, मालवणी की घटना

चार दिन से हो रही मूसलाधार बरसात की चपेट में आकर मालाड-पश्चिम के मालवणी इलाके में कल एक तीन मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा। इस मकान का मलबा बगल के दो घरों पर गिरने से एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में तीनों घर के लगभग एक दर्जन से अधिक लोग मलबे में दब कर घायल हुए हैं, वहीं मलबे में दबने के कारण घर में सो रहे फैज अंसारी (१९) की मौत हो गई। दूसरी मौत अंजुम (२५) नामक महिला की हुई है। वह गर्भवती और तीन मंजिला मकान के मालिक अयूब की बहन बताई जाती है। घटना की खबर मिलते ही मालवणी फायर ब्रिगेड की चार गाड़ी सहित मालवणी पुलिस बचाव कार्य में जुट गई। बता दें कि मेटल की चूड़ी का धंधा करनेवाले अयूब ने मालवणी ओल्ड कलेक्टर कंपाउंड के प्लॉट नंबर ८-बी में तीन मंजिला मकान बना रखा था, जिसमें उसका पूरा परिवार रहता था। कल दोपहर डेढ़ बजे के करीब उसके घर का पिछला हिस्सा अचानक से ढह गया। मलबा पीछे के दो मकानों पर गिरा।

मलबे में फंसे अंसारी परिवार और मां-बेटी
मलबा जिन दो मकानों पर गिरा, उसमें एक दो मंजिला और एक-एक मंजिला मकान का समावेश है। दो मंजिला मकान वहिदुद्दीन अंसारी का बताया जाता है। घटना के समय उनकी पत्नी फरीदा, बड़ा बेटा ताहिद, मंझला बेटा जैद और ७ साल की छोटी बेटी काशिफा के अलावा सबसे छोटा बेटा पैâज घर में थे। पैâज सो रहा था तभी अयूब के तीन मंजिला मकान का मलबा उसके ऊपरी मंजिल को तोड़ते हुए नीचे आ गिरा। मलबा गिरने से जहां पैâज की मौत हो गई, वहीं अंसारी परिवार के बाकी सदस्यों को मामूली चोट आई है। ऐसी जानकारी इस परिवार के पड़ोसी और पत्रकार अब्दुल चौधरी ने दी।

सोफे से बची मां-बेटी की जान
अयूब के तीन मंजिला मकान का मलबा अंसारी परिवार के बगल में स्थित एक और घर पर गिरा। इस एक मंजिला मकान में मां और बेटी जमीन पर सो रही थीं। उनके बगल में सोफा रखा था। ज्यादातर मलबा सोफे पर ही रह गया। इस घटना में मां और बेटी के पैर में चोट लगने की बात बताई गई है।

एक सप्ताह पहले भाई के घर आई थी अंजुम
कल की इस घटना में अयूब की जिस बहन अंजुम की मौत हुई है, वह एक सप्ताह पहले ही अपने ससुराल से वहां आई थी। डेढ़ साल की बेटी की मां अंजुम गर्भवती बताई जाती है। घटना के समय घर के पहली मंजिल पर बने रसोई घर में खाना बना रही थी,जो घर के पिछले हिस्से में था। मलबे में लगभग चार घंटे दबे रहने के कारण उसकी मौत होने की बात बताई गई है। इस घटना में मालवणी पुलिस ने चुप्पी साध रखी है ।

मॉनसून ने मचाया हाहाकार!

मुंबई में बुधवार से लगातार हो रही बारिश ने २४ घंटों के भीतर ही हाहाकार मचा दिया। अत्यंत तेज होनेवाली इस बारिश का शिकार मुंबई की तीन इमारतें बनती हुई दिखाई दीं। गुरुवार को दक्षिण मुंबई स्थित जीपीओ के सामने एक पांच मंजिला इमारत गिर गई, जिससे चारों तरफ कोहराम मच गया। मनपा की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को बचाने का प्रयास किया। दमकल विभाग ने एंगस लैडर का प्रयोग कर तीसरी मंजिल से एक व्यक्ति को बाहर निकाला जबकि एक अन्य व्यक्ति को भी मलबे से निकालकर बचाया गया। रात १० बजे तक दमकल विभाग की टीम द्वारा अन्य दो लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी था। बता दें कि गुरुवार को फोर्ट स्थित लकी हाउस के पास भानुशाली बिल्डिंग एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। दमकल विभाग से मिली सूचना के मुताबिक ५ मंजिली इस इमारत का आधा हिस्सा नीचे गिर गया, जिसके कारण इमारत में काफी लोग फंस गए। गुरुवार को शाम ४.४५ बजे के तकरीबन मनपा को इस इमारत के ढहने की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमकल विभाग की टीम द्वारा लोगों को बचाने के लिए सर्च कैमरा सहित कई आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया गया, जिनमें ८ फायर इंजिन, २ रेस्क्यू वैन, १ जंबो टैंकर, १० डंपर और ५० मजदूर शामिल थे। इमारत का ३५ से ४० प्रतिशत हिस्सा ढह जाने के कारण इस बात का अनुमान नहीं लग पाया कि कितने लोग इमारत के अंदर फंसे हुए हैं? म्हाडा द्वारा इस इमारत को पहले से ही खाली कर दिया गया था और इमारत की मरम्मत का कार्य जारी था लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग इमारत में रह रहे थे। खबर लिखे जाने तक इमारत में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था और कितने लोग अंदर फंसे हैं? इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई थी।
मरीन लाइंस में भी ढही इमारत
मुंबई में हो रही तेज बारिश के चलते मरीन लाइंस की एक इमारत भी हादसे का शिकार हो गई। हालांकि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है।