लेट नाइट पार्टी पसंद नहीं -अनिल कपूर

बॉलीवुड में बहुत कम ऐसे स्टार हैं, जिन्होंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया और वे करियर के अगले पायदान पर निखरकर आए। आज के जाने-माने स्टार अभिनेता अनिल कपूर इस समय अनीस बज्मी निर्देशित फिल्म ‘पागलपंती’ को लेकर चर्चाओं में हैं। अनिल कपूर एक प्राउड पिता भी हैं, उनकी बेटी सोनम कपूर अपने करियर में नाम कमा चुकी हैं, बतौर निर्मात्री और पैâशन स्टाइलिस्ट रिया ने भी अपना मकाम बना लिया है और बेटा हर्षवर्धन भी धीरे-धीरे अपना वजूद बना रहा है। अनिल कपूर की फिटनेस, उनका व्यक्तित्व आज भी यंगस्टर्स को कॉम्प्लेक्स दे सकता है। चंद मुद्दों पर इस ‘झकास’ एक्टर से पूजा सामंत की बातचीत के मुख्य अंश-
अनीस बज्मी निर्देशित फिल्म ‘पागलपंती’ में स्टार्स का पहले ही मेला लगा हुआ है। इतने सारे कलाकारों वाली इस फिल्म को करने की कोई खास वजह?
मैंने आज तक जो भी या जितनी भी कॉमेडी फिल्में की हैं तकरीबन अनीस बज्मी के साथ ही की हैं। सभी फिल्मों को बेहद अच्छा रिस्पॉन्स मिला था सिवाय ‘मुबारकां’ के। ‘वेलकम-१’ और दो को लोग आज तक भूले नहीं हैं। मैं खुद अनीस बज्मी से डिमांड करता हूं कि तेरी फिल्म में अगर मेरे लिए रोल नहीं भी हो तो मेरे लिए कोई अलग से ट्रैक बना। हम दोनों एक-दूसरे के साथ कंफर्टेबल हैं।
 आपके फिल्म करियर को ४० वर्ष हो चुके हैं। जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं तो वैकैसा फील करते हैं?
४० वर्षों का लंबा करियर तो अब लग रहा है लेकिन तब ऐसा कुछ नहीं लगा। बहुत संघर्ष किया है मैंने। मेरे परिवार में हम तीनों भाइयों में बोनी भैया बड़े थे, उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में कदम रखा और वे फायनांस संभालने लगे। मैंने प्रोडक्शन में उनकी हेल्प की और खुद अभिनय में हाथ-पांव मारने लगा। इतना आसान नहीं था, अभिनय का मौका मिलना? छोटे-मोटे जो भी रोल मिले मैंने किए। सुभाष घई की नजरों में आने से लिए मैंने बहुत पापड़ बेले हैं। मेरी फिल्म चले-न-चले पर मेरे पराफॉर्मेंस नवाजे गए, ये मेरे लिए अवॉर्ड से भी बड़ी बात है।
 अपनी पहली निर्माणाधीन फिल्म में आपको काफी नुकसान उठाना पड़ा? क्या वो आपकी गलती थी?
३ अगस्त, २००७ में मेरे निर्माण की पहली फिल्म ‘गांधी माय फादर’ का मैंने निर्माण किया। इस फिल्म के लिए मैंने खुद को झोंक दिया। इस फिल्म के दौरान मैंने किसी भी फिल्म की शूटिंग तक नहीं की। मैंने अपनी इस फिल्म को कांस, टोरंटो, वेनिस सभी फिल्म फेस्टिवल्स में भेजना चाहा पर ये सभी जगह रिजेक्ट हुई लेकिन उस वक्त मुझे बेहद खुशी मिली, जब फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
 आप में ऊर्जा और पॉजिटिविटी है। क्या है इसका राज?
जैसा मैंने कहा मेरा पहला प्रयास था ‘गांधी माय फादर’ जैसी फिल्म का निर्माण करना। फिल्म को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, सभी यूनिटवाले निराश हुए। मैं फिल्म का निर्माता था सबसे ज्यादा नुकसान मेरा हुआ, पर दूसरे दिन से मैंने उस नुकसान को एक बुरा सपना मानकर अपने आपको काम में मशरूफ कर लिया। मैंने हमेशा सकारात्मक ऊर्जा और विचारों के साथ काम किया। हां, मैं भी इंसान हूं, निराश होता हूं, दुखी होता हूं, पर उसे दिल से लगाकर नहीं रखता। यही मेरे जीवन को हंसी-खुशी से जीने की स्ट्रैटेजी है।
 इतने लंबे करियर में आपने कभी ब्रेक नहीं लिया, ये कैसे संभव हुआ?
एक दौर ऐसा भी आया जब मुझे लगा कि मेरे लिए अब कोई खास फिल्म नहीं बन रही है। ब्रेक लेना ठीक रहेगा। लेकिन मैंने सोचा कि क्यों न इस बारे में अमित जी (अमिताभ बच्चन) से विचार-विमर्श कर लूं। वो सीनियर हैं और काफी उतार-चढ़ाव से गुजर चुके हैं। मैंने उनसे सलाह मांगी तब उन्होंने कहा, ‘जरूरी नहीं कि हर बार हमें अपने मनमुताबिक फिल्में मिलती रहें। थोड़ा सब्र करने में हर्ज नहीं, पर इसके लिए ब्रेक क्यों लेना? काम करते रहना यही अपने काम के प्रति इबादत होगी। अगर कोई मेजर रोल नहीं भी मिलता तो कोई हर्ज नहीं, अच्छे रोल जरूर सोचे जा सकते हैं।’ मैंने अमित जी की सलाह सर आंखों पर रखते हुए ब्रेक का विचार हमेशा के लिए त्याग दिया।
 क्या आपने भी यारी-दोस्ती में फिल्में की हैं?
हां, आज के जनरेशन के एक्टर्स में प्रोफेशनल एटिट्यूड है और वो इस तरह की यारी-दोस्ती में ऊटपटांग फिल्में करती नहीं। मैंने दोस्तों के लिए ऐसी कई फिल्में की हैं उस दौर में। आज ताज्जुब होता है उन फिल्मों की सफलता-असफलता पर कोई घबराहट भी नहीं हुई कभी, न कभी पैसों की चिंता हुई। सिर्फ दोस्ती की भावना प्रबल थी मेरे लिए। अब कोई अपना करियर दोस्ती के लिए दांव पर लगाता नहीं।
 आपने ६० वर्ष पूरा कर लिया है। आपको देखकर कहा जा रहा है कि ‘सिक्सटी इज न्यू फोर्टी’। आपकी फिटनेस को देखकर आज का यूथ अचंभे में है। क्या करते हैं आप फिटनेस के लिए?
डिसिप्लिंड लाइफ और खुद को सिगरेट और अल्कोहल जैसी चीजों से दूर रखना ही मेरा फिटनेस मंत्र है। सुबह ६ बजे उठना, जिम जाना, वक्त पर शूटिंग में जाना, लंच-डिनर वक्त पर लेना और रात को ठीक दस बजे मैं सो जाता हूं। मैं लेट नाइट पार्टियों में जाना पसंद नहीं करता।
 आपकी सुपरहिट फिल्म ‘वेलकम-३’ कब आएगी?
इस सवाल का जवाब सिर्फ फिरोज नाडियाडवाला ही दे सकते हैं।
जन्म तारीख – २४ दिसंबर, १९५६
जन्मस्थान – चेंबूर, मुंबई
कद – ५ फुट १० इंच
वजन – ७५ किलोग्राम
प्रिय पहनावा – कुर्ता-पायजामा
पसंदीदा डिश – खिचड़ी, इडली, डोसा
हॉबी – बैडमिंटन, स्क्वैश खेलना
पसंदीदा फिल्म – ‘परिंदा’, ‘रामलखन’