" /> चीन का एक और दुस्साहस रोका गलवान नदी का पानी!

चीन का एक और दुस्साहस रोका गलवान नदी का पानी!

लद्दाख में जिस पेट्रोलिंग पॉइंट १४ के पास चीन और भारत के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई है, वह गलवान घाटी का टी जंक्शन है। वहां बगल से गलवान नदी बहती है। थोड़ी दूर पर गलवान नदी और श्योक नदी का संगम स्थल है।

पॉइंट १४ से करीब २ किलोमीटर की दूरी पर चीन ने दुस्साहस करते हुए अपने कब्जेवाले एरिया में गलवान नदी का पानी रोकने के लिए वहां बांध बना डाला है। वह भी सिर्फ एक हफ्ते में। ऐसा करके वह लद्दाख की वॉटर लाइन को काटना चाहता है।

गौरतलब है कि लद्दाख की गलवान घाटी में १५ जून को भारतीय और चीनी सैनिकों की खूनी मुठभेड़ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। इन तस्वीरों से साफ पता चलता है कि चीन ने करीब एक हफ्ते पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि चीन ने गलवान नदी की धारा रोकने के लिए बांध भी बना दिया हैं।

सैटेलाइट नक्शे प्रदान करने वाली कंपनी ‘प्लैनेट लैब्स’ की तस्वीरों से साफ पता चलता है कि किस तरह ९ जून से १६ जून के बीच चीन ने गलवान घाटी में अपनी तैनाती के साथ ही पूरी तस्वीर बदल दी। प्लैनेट लैब्स ने ९ जून और १६ जून की सैटेलाइट तस्वीरें मीडिया में जारी की हैं।

सैटेलाइट तस्वीर से साफ पता चल रहा है कि एक हफ्ते में ही पूरी गलवान घाटी में चीन ने कायापलट कर दिया। ९ जून को जहां पूरा इलाका खाली था, चीनी सीमा के कई किलोमीटर अंदर तक चीन की कोई हलचल नहीं थी, वहीं हफ्ते भर में १६ जून तक वहां चीन ने एलएसी के पास बड़ी संख्या में निर्माण कर लिया है। चीन ने वहां टेंट और वॉच टावर बना लिए हैं। ये टेंट और टावर जले दिख रहे हैं। बता दें कि भारतीय सेना ने इन टेंट्स को जला दिया था, जिससे १५ जून को विवाद पैदा हुआ था। इस इलाके में न सिर्फ चीन की सेना का मूवमेंट हुआ है, बल्कि यहां पर चीन ने हैवी मशीनरी भी जमा कर ली है।

चीन ने भारत के साथ हुए समझौते का उल्लंघन करते हुए न सिर्फ यहां पर टेंट और वॉच टावर स्थापित किए, वहीं चीन ने गलवान नदी का पानी रोकने के लिए बांध भी बना दिया था। इसी के पास चीनी सेना के बड़े ट्रक और मशीनरी खड़ी दिख रही हैं। इससे थोड़ी दूर पर ट्रकों का अंबार खड़ा कर दिया गया था। वहीं इससे पीछे चीन ने गलवान नदी पर पुल बनाते हुए पूरी सेना का जमावड़ा खड़ा कर दिया था।