" /> एपीएमसी मार्किट में आई हापुस आम की पहली खेप : भाव ₹500 प्रति दर्जन

एपीएमसी मार्किट में आई हापुस आम की पहली खेप : भाव ₹500 प्रति दर्जन

भले ही महाराष्ट्र सहित देश मे लॉक डाउन का सिलसिला जारी है लेकिन इसी बीच फल सब्जियों की आवक ठीक तरह से हो रही है। बावजूद इसके बाजारों में कालाबाजारी जारी है। लॉक डाउन के दौरान अक्षयतृतीया के मौके पर वाशी के एपीएमसी मार्किट में हापुस आम की पहली खेप भी पहुंच चुकी हैं लेकिन भाव आसमान छूनेवाला है। व्यापारियों की माने तो एपीएमसी मार्किट में 50 हजार हापुस आम की पेटी पहुंच चुकी है।
एपीएमसी मार्किट में पहुंचा हापुस आम थोक भाव में 300 से 500 रुपए प्रति दर्जन बिक रहा है। जबकि खुदरा बाजार में रमजान को देखते हुए इसे 600 से 800 रुपए प्रति दर्जन बेचा जा रहा है। हालांकि लॉक डाउन के कारण विदेशों में अच्छे क्वालिटी के आम इस बार न जाने से एपीएमसी मार्किट में पहुंचे हापुस आम की गुणवत्ता अच्छी है। ये हापुस आम मुंबई, नवी मुंबई, उपनगर, ठाणे, कल्याण- डोंबिवली के खुदरा बाजारों में आना शुरू हो गए हैं। मार्किट में पहुंचा हापुस आम रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और रायगढ़ का बताया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने कुछ शर्तों के साथ फल मार्किट को शुरू करने को कहां है, जिसके बाद बाजार में हापुस आम की आवक बढ़ी है। हालांकि लॉक डाउन की वजह से ग्राहक बाजार से नदारत हैं। हापुस आम की ब्रिक्री घर-घर जाकर करनेवालों का एक बड़ा तबका हर साल आम बेचता हैं लेकिन लॉक डाउन के कारण उन्हें उस बार कमाई करने का मौका नहीं मिलेगा। राधेश्याम मौर्य हर साल आम के सीजन में घर-घर घूमकर हापुस आम बेचते हैं। मौर्य का कहना है कि मेरे ग्राहक बने बनाए हैं। हर साल केवल बाजार में हापुस आम आने के बाद फोन पर आर्डर मिल जाता था और जाकर घर पहुंचा आता था लेकिन इस बार लॉक डाउन के कारण घर-घर जाना संभव नहीं है। पुलिसवाले भी घुमत देखकर मारते हैं। इस डर से घर मे ही बैठा हूं। गौरतलब है कि हर साल हापुस आम की बड़ी खेप अमेरिका और अन्य देशों में निर्यात होती थी लेकिन इस बार कोरोना के कारण निर्यात भी नहीं हो पा रहा है।