" /> कैदखाने में कलाकारी, कैदियों ने बनाया बिस्कुट, मक्खन और टेबल कुर्सी

कैदखाने में कलाकारी, कैदियों ने बनाया बिस्कुट, मक्खन और टेबल कुर्सी

कोरोना के कारण कई कंपनियां बंद पड़ गई हैं, ऐसे में कई लोग बेरोजगार भी हो गए हैं लेकिन ठाणे सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदियों ने लॉकडाउन के दौरान अपनी कला की बदौलत विभिन्न प्रकार की वस्तुओं को बनाया और उन्हें बेचकर २३ लाख ५४ हजार ३२८ रुपए से अधिक की कमाई की है। कैदियों द्वारा बनाई गई वस्तुओं में लकड़ी की मेज, कुर्सियां, मास्क, बेकरी आइटम, कपड़े और अन्य सामान शामिल हैं।
बता दें कि ठाणे सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदियों को उनकी रिहाई के बाद रोजगार मुहैया हो इसलिए उन्हें सामाजिक संगठनों द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वे जेल में रहते हुए भी पैसा कमाकर जमा कर सकें। कुछ कैदी तो पहले से ही कलाकार होते हैं इसलिए जेल में हर त्यौहार पर या मांग अनुसार कैदी प्रोडक्ट बनाने का कार्य करते नजर आते हैं। राज्य सरकार के एक फैसले के बाद सात साल से कम की सजा काट रहे कैदियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया क्योंकि वर्तमान में कोरोना संकट है। रिहाई के बाद भी २,४०० कैदी अभी भी जेलों में बंद हैं। इन कैदियों ने महज पांच से छह महीने में २३ लाख, ५४ हजार, ३२८ रुपए की वस्तुएं बनाई हैं। इन वस्तुओं की मांग में अब वृद्धि होती नजर आ रही है। कुल ४७८ वस्तुओं की मांग उपभोक्ताओं ने की है, जिनमें बेकरी आइटम में शामिल ४०९ वस्तुओं का समावेश है जबकि ६० वस्त्रों की मांग भी है और अन्य मांगें लकड़ी और हथकरघा वस्तुओं की है।

ऑनलाइन बिकेगा जेल में बना सामान
ठाणे जेल प्रशासन ने कहा कि आनेवाले दिनों में इन वस्तुओं की ब्रिक्री ऑनलाइन वेबसाइट पर की जाएगी। प्रत्येक वस्तु की बिक्री के बाद कैदियों को कुछ पैसे भी दिए जा रहे हैं। जेल प्रशासन ने कहा कि उसकी सजा के दौरान उन्हें रोजगार मिल रहा है।