ठाणे में ‘न थूकेंगे, न थूकने देंगे!’ ऑटोवालों की मुहिम 

स्वच्छ ठाणे, सुंदर ठाणे को साकार रूप देने के लिए अब शहर के ऑटोचालकों ने कमर कस ली है। पान, गुटखा तथा तंबाकू का सेवन कर ऑटो की सवारी करनेवाले यात्रियों को अब वही ऑटोचालक सड़क पर थूकने से रोक देगा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत ‘न थूकेंगे, न थूकने देंगे’ मुहिम की शुरुआत की गई जिसमें बड़ी संख्या में मौजूद ऑटोचालकों को स्वच्छता का दूत बताया गया।
 ठाणे में ‘न थूकेंगे, न थूकने देंगे’ मुहिम छेड़ दी गई है। डॉ. काशीनाथ घाणेकर हॉल में ‘न थूकेंगे, न थूकने देंगे’, के जय घोष के साथ स्वच्छता अभियान की शुरुआत हो गई है। जिला अधिकारी राजेश नार्वेकर की मौजूदगी में पुलिस, यातायात विभाग, रोटरी क्लब ऑफ ठाणे, डॉक्टर्स एसोसिएशन तथा ऑटोरिक्शा यूनियन से जुड़े सैकड़ों की संख्या में ऑटोचालक, आला अधिकारी तथा पदाधिकारी मौजूद थे। डीएम नार्वेकर ने शहर के नागरिकों को सेवा देनेवाले ऑटोचालकों को किसी हस्तीr से बेहतर स्वच्छता का दूत बताया और सहयोग की अपील की। डॉक्टर एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने सड़कों पर थूकने का क्या दुष्प्रभाव दूसरों के स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसकी जानकारी दी। इस मुहिम में अब तक १,२०० ऑटोचालकों तथा दर्जनों सफाई कर्मचारियों को जोड़ा जा चुका है। रेलवे स्टेशन के आसपास सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं जो थूकनेवालों से दंड वसूल करते हैं, जिस पर कई बार विवाद हो चुका है। स्टेशन से अपने गंतव्य स्थान तक जाने के लिए यात्री प्राय: ऑटो पकड़ते हैं। ऑटो में बैठने के पूर्व या बाद में लोग पान, गुटखा या तंबाकू खाते हैं और चलते हुए ऑटो से सड़कों पर थूकते हैं। थूकनेवालों को अब तक ऑटोचालक कुछ बोलते नहीं थे पर अब ये ऑटोचालक स्वच्छता अभियान के दूत नियुक्त किए जा चुके हैं। उन्होंने न थूकेंगे, न थूकने देंगे की शपथ खा ली है। ऑटो में यात्रा करनेवाले यात्रीr अगर थूकते हैं तो ऑटोचालक उन्हें नीचे उतार कर शर्मिंदा कर सकते हैं। इसलिए ऑटो में बैठने या बैठने के बाद  ऑटो में पान गुटखा या तंबाकू का सेवन न करें, यह अपील ऑटोचालकों द्वारा की गई है।