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एसपीजी के हवाले अयोध्या!

श्रीरामलला परिसर सहित अयोध्या के खास स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के हवाले कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपीजी ने अयोध्या में कोने-कोने की तलाशी ली। तमाम संवेदनशील इलाकों में स्नाइपर्स की तैनाती की गई है। वे चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन से अयोध्या की सीमाएं सील कर दी जाएंगी। ४ अगस्त से आम लोगों के लिए एंट्री बंद हो जाएगी। सिर्फ विशेष अनुमतिवाले व्यक्तियों को ही एंट्री मिलेगी। ३,५०० विशेष सुरक्षा अधिकारियों के संगीनों और नजरों में अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। ५ अगस्त समारोह के दिन कोरोना संक्रमण से बचाव और सुरक्षा को देखते हुए एक ही साथ ५ लोगों को खड़े होने पर पाबंदी होगी।
अयोध्या की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। नगर में ५०० खुफिया कैमरों और ३,५०० सुरक्षा जवानों को निगहबानी के लिए लगाया गया है, वहीं ड्रोन कैमरे से भी आसमान से निगरानी की जा रही है। एसपीजी के आईजी एसएस श्रीवास्तव कल दोपहर नई दिल्ली से बाबतपुर एयरपोर्ट पर अपनी टीम के साथ पहुंचे। एयरपोर्ट पर पुलिस-प्रशासन, खुफिया एजेंसियों और एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद सभी होटल गेटवे पहुंचे और नदेसर पैलेस का जायजा लेने के बाद वहां प्रस्तावित रात्रिभोज और प्रबुद्धजनों से मुलाकात सहित अन्य कार्यक्रमों के बारे में पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ मंत्रणा की। शाम को स्थानीय प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ एसपीजी की टीम दशाश्वमेध घाट पहुंची।

गंगा आरती देखने के बाद एसपीजी के अधिकारियों ने सुरक्षा के नजरिए से राजेंद्र प्रसाद घाट, शीतला घाट, निर्माणाधीन मंच, गंगा सेवा निधि की गली सहित आस-पास के इलाके का निरीक्षण किया। दशाश्वमेध घाट की ओर जानेवाली सीढ़ियों से पहले बार्इं तरफ वीडीए के अर्द्ध निर्मित वाहन स्टैंड के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान जल पुलिस चौकी पर पुलिस-प्रशासन के आला-अधिकारियों के साथ एसपीजी के अधिकारियों ने गोपनीय बैठक भी की। एसपीजी ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से दो टूक कहा है कि सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा तो जरूरी है ही लेकिन इसके चलते आमजन को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका भी ख्याल रखें। जरूरी है कि ड्यूटी में लगे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी, सुरक्षाकर्मी आमजन के साथ सलीके से पेश आएं।

बैठने की त्रिस्तरीय व्यवस्था
रामलला परिसर में अतिथियों के बैठने की त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। जर्मन टेंट से पूरा पंडाल ढका गया है। नींव पूजन से लगी पहली पंक्ति है। यहां सिर्फ २०० कुर्सियों का इंतजाम किया गया है। कुर्सियों के बीच पांच गज की दूरी रखी गई है। यहां पीएम के कार्यक्रम में शामिल होनेवाले अति विशिष्ट लोगों को जाने की अनुमति होगी। दूसरी पंक्ति में भी २०० कुर्सियों का इंतजाम है। यहां व्यवस्था में लगे अधिकारी और सुरक्षाकर्मी ही जा सकेंगे। इसी तरह तीसरी पंक्ति में भी २०० कुर्सियों का इंतजाम किया गया है। यहां अन्य विशिष्ट आंगतुकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इंतजाम इस तरह से किया गया है कि परिसर में एक साथ २०० से अधिक लोग जमा न हो पाएं। लोग आते-जाते रहें, ऐसी व्यवस्था की गई है। पूरे कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया है।