संतों की मांगः सबको आवास तो श्रीराम का भी खत्म हो वनवास

लोकसभा चुनावों के बीच अयोध्या के संतों ने श्री राम मंदिर के निर्माण की मांग की है। संतों का कहना है कि सरकार बेघरों को घर दे रही है, उसकी योजनाओं के रोज ढिंढोरे पीटे जा रहे हैं लेकिन भगवान अयोध्यापति श्री राम अपनी ही नगरी में वनवास में है, वे तंबू में हैं।
अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर को लेकर संतों ने एक मांग रखी है। जिसके अंतर्गत अयोध्या में शीघ्र मंदिर निर्माण की कही गई है। इन संतों का कहना है कि देश में बेसहारा लोगों को सरकार घर दे रही है लेकिन हमारे अयोध्यापति श्री राम वर्षों से तंबू में हैं। उन्हें अपने ही हिंदुस्थान में वनवास में रहना पड़ रहा है। इस संदर्भ में हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने सरकार से इस पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की मांग सामने रखी है। महंत राजू दास ने आश्वस्त भी किया संत हर उस व्यक्ति का साथ देंगे जो भगवान श्री राम के मंदिर, राष्ट्र हित एवं गो माता की रक्षा का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि दुःख तो तब होता है जब श्री राम के जन्म व उनके जन्मस्थान का प्रमाण मांगा जाता है। अयोध्या के विकास की बात कहें तो हर राजनीतिक व्यक्ति अयोध्या को विवादित कहता है अभी हाल में ही जब कांग्रेस की प्रियंका वाड्रा अयोध्या के हनुमान गढ़ी आई थी तो हमने उनसे पूछा की आप रामजन्मभूमि दर्शन करने क्यों नहीं गईं तो उन्होंने जवाब दिया की वह स्थान विवादित है। संतों ने मांग की है कि राम जन्मभूमि के 67 एकड़ को छोड़कर अयोध्या के अन्य स्थानों का विकास किया जाए। हालांकि संत समुदाय ने एक स्वर में कहा है कि पिछली सरकारों की अपेक्षाकृत इस सरकार के कार्यकाल में काम हुआ है लेकिन सभी साधु-संतों व हिंदू जनमानस के लिए श्री राम मंदिर अति महत्वपूर्ण है।