अयोध्या मामले में वेदांती ने दी आत्मदाह की धमकी

वरिष्ठ सदस्य राम जन्मभूमि न्यास रामविलास दास वेदांती का बयान।अयोध्या की धरती पर किसी कीमत पर मस्जिद की कोई जगह नहीं है।अयोध्या में बीसों मस्जिद बनी हुई है उसमें जाकर नमाज अदा करें।अयोध्या पर किसी प्रकार की नई मस्जिद का निर्माण होने नहीं दूंगा।बाबर के नाम पर भारत के किसी कोने में मस्जिद का निर्माण होने नहीं दूंगा ।बाबर कभी अयोध्या नहीं आया।बाबर के नाम पर अयोध्या में ना कोई गली, मोहल्ला,घाट तक नहीं है वहीं उन्होंने कहा राम के नाम पर रामकोट है,राम जन्म भूमि है राम के नाम पर सरयू नदी है। राम के नाम पर सब कुछ है बाबर के नाम पर कुछ भी नहीं है अयोध्या के बाहर बने मस्जिद।अगर अयोध्या की धरती पर मस्जिद बनती है। तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आत्मदाह कर लूंगा। अयोध्या के साधु के जिंदा होते हुए। वहीअयोध्या की धरती पर किसी भी प्रकार मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे।

रामजन्मभूमि  और राम मंदिर निर्माण को लेकर वह पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। पिछले साल उन्होंने कहा था कि जिस तरह  विवादित ढांचा ध्वस्त किया गया था उसी तरह एक दिन में राम मंदिर भी बना लिया जाएगा। वेदांती ने दावा किया था कि 2019 के पहले कभी भी अयोध्या में राम मंदिर बनना शुरू हो सकता है। इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा था कि कोर्ट का आदेश अगर नहीं भी आया तब भी मंदिर का निर्माण होगा।

गौरतलब है कि मध्यस्थता के जरिए मामले को सुलझाने की प्रक्रिया 4 हफ्ते में शुरू हो जाएगी और 8 हफ्ते में पूरी हो जाएगी। हालांकि माना जा रहा है कि इस संबंध में कार्यवाही एक हफ्ते में ही शुरू हो सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने फैजाबाद में ही मध्यस्थता को लेकर बातचीत करने के निर्देश दिए हैं। जब तक बातचीत का सिलसिला चलेगा, पूरी बातचीत गोपनीय रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि पैनल में शामिल लोग या संबंधित पक्ष कोई जानकारी नहीं देंगे। इसको लेकर मीडिया रिपोर्टिंग पर भी पाबंदी लगा दी गई है।