" /> बुरी खबर! ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट

बुरी खबर! ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट

पूरी दुनिया को कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतजार है। दुनिया की करीब डेढ़ सौ कंपनियां इसकी वैक्सीन विकसित करने में लगी हुई हैं और इनमें से कई का ट्रायल भी शुरू हो चुका है। इनमें सबसे आगे और अच्छा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित वैक्सीन को माना जा रहा है। इसके दो फेज के ट्रायल सफल रहे हैं। पर अब तीसरे फेज के ट्रायल से एक बुरी खबर आई है। ब्रिटेन में एक वॉलंटियर पर इस वैक्सीन का साइड इफेक्ट देखा गया है। इसके बाद अमेरिका में इसका ट्रायल रोक दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल अमेरिका में रोक दिया गया है। रेस में काफी आगे चल रही इस वैक्सीन ट्रायल के स्थगित होने से दुनिया की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में वैक्सीन लेने वाले एक वॉलंटियर की हेल्थ में गंभीर रिएक्शन देखने के बाद अमेरिका में दर्जनों ट्रायल्स पर रोक लगाई गई है। एस्ट्राजेनेका के एक प्रवक्ता ने बताया कि ‘स्टैंडर्ड रिव्यू प्रोसेस’ ने सेफ्टी डेटा रिव्यू की अनुमति के लिए वैक्सीनेशन को रोका है। इस वैक्सीन वैंâडिडेट को अमेरिका और ब्रिटेन में कई जगहों पर टेस्ट किया जा रहा था। लोकल रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा का ये मुद्दा तुरंत सामने नहीं आया था। हालांकि वैक्सीन से तबियत बिगड़ने के बाद वॉलंटियर के रिकवर होने की उम्मीद है। इस वैक्सीन ट्रायल को रोकने का असर एस्ट्राजेनेका के बाकी वैक्सीन ट्रायल्स पर भी पड़ा है। वैक्सीन निर्माताओं द्वारा किए जाए रहे अन्य क्लीनिकल ट्रायल्स भी इससे प्रभावित हुए हैं। एस्ट्रेजेनेका के प्रवक्ता ने कहा, ‘ये एक रूटीन एक्शन है जो किसी भी ट्रायल में अस्पष्ट बीमारी के होने पर उसकी जांच करते हुए अक्सर होता है। हम ये सुनिश्चित करते हैं कि ट्रायल पूरी ईमानदारी से किया जाए।’ प्रवक्ता ने यह भी बताया कि समीक्षा में तेजी लाने और ट्रायल की टाइमलाइन पर संभावित प्रभाव को कम करने के लिए काम किया जा रहा है। वैक्सीन की विकास प्रक्रिया से जुड़े एक शख्स के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने कहा था कि सावधानी को प्रमुखता से ध्यान में रखते हुए ट्रायल को होल्ड पर रखा गया है। एक अन्य व्यक्ति ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि इस घटना का एस्ट्राजेनेका के तमाम वैक्सीन ट्रायल्स पर असर पड़ा है। साथ ही अन्य वैक्सीन निर्माताओं द्वारा किए जा रहे क्लीनिकल ट्रायल्स भी इससे प्रभावित हुए हैं। मौजूदा समय में नौ संभावित वैक्सीन ट्रायल के तीसरे चरण में हैं और सभी इस वैश्विक महामारी को काबू करने के नए तरीकों को खोजने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, शोधकर्ता अब तथाकथित ‘डेटा एंड सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड’ द्वारा रिव्यू किए गए डेटाबेस के आधार पर वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट के अन्य मामलों की जांच में जुट गए हैं। अब अगर इस तरह के और भी कई मामले सामने आते हैं तो वैक्सीन का जल्द आना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि एस्ट्राजेनेका ने अगस्त के अंत में सिर्फ अमेरिका में ही ट्रायल के तीसरे चरण की शुरुआत की थी। क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्रेशन के मुताबिक, अमेरिका में ६२ जगहों पर इसका ट्रायल चल रहा है। हालांकि इनमें से कई ने अभी तक प्रतिभागियों की नामांकन प्रक्रिया भी नहीं शुरू की है। जबकि ब्राजील, ब्रिटेन और दक्षिण अप्रâीका में २/३ चरण का ट्रायल शुरू किया गया था।