" /> बार डांसर बनी ड्रग पेडलर पुलिस ने डाली तमाम बार डांसरों पर नजर

बार डांसर बनी ड्रग पेडलर पुलिस ने डाली तमाम बार डांसरों पर नजर

कोरोना वायरस की मार और बेरोजगारी लोगों को न जाने किस मोड़ पर ले जाएगी। बेराजगार हुई बार डांसरों के बारे में तरह-तरह की खबरें आती रहती हैं। मगर अब जो खबर आई है, वह काफी चिंताजनक है। बार डांसर ड्रग्स पेडलिंग की ओर मुड़ रही हैं। कल ऐसी ही एक ड्रग पेडलर को पकड़ा गया है। इससे पुलिस चौकन्नी हो गई है और वो तमाम बार डांसरों पर नजर डाल रही है कि वे क्या कर रही हैं। कल एक बार डांसर और उसके साथी के पास से ३ लाख ३० हजार रुपए की मेफेड्रोन ड्रग बरामद की गई है। पुणे पुलिस की एंटी नारकोटिक्स शाखा ने दोनों को गिरफ्तार किया। यह बार डांसर ड्रग सप्लाई के धंधे में लिप्त थी। ३० साल की इस महिला का कहना है कि पिछले तीन महीने से उसके पास कोई काम नहीं था इसीलिए उसने ड्रग्स की खेप पहुंचाने का रास्ता चुना। महिला के साथ उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुणे में नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी के पास पुलिस गश्त के दौरान महिला और उसके सहयोगी को सदानंद होटल की ओर जाते हुए देखा गया। शक होने पर पुलिस ने दोनों से पूछताछ की लेकिन वे दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इन दोनों की पहचान विवेक तुलसीराम लुल्ला (४३) और हेमा किशनलाल सिंह (३०) के तौर पर हुई।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन में बेरोजगारी की मार झेल रही बार डांसर ड्रग पैडलर बन गई। इस बारबाला और उसके साथी के पास से ३ लाख ३० हजार रुपए की मेफेड्रोन बरामद की गई है। पुणे पुलिस की एंटी नारकोटिक्स शाखा ने दोनों को गिरफ्तार किया।
बार डांसर एक महिला को पुणे पुलिस के एंटी नारकोटिक्स दल ने ड्रग सप्लाई के आरोप में गिरफ्तार किया है। ३० साल की इस महिला का कहना है कि पिछले तीन महीने से उसके पास कोई काम नहीं था इसीलिए उसने ड्रग्स की खेप पहुंचाने का रास्ता चुना। महिला के साथ उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से मेफेड्रोन ड्रग जप्त की गई, जिसकी कीमत ३.३ लाख रुपए बताई गई है। पुणे में नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी के पास पुलिस गश्त के दौरान महिला और उसके सहयोगी को सदानंद होटल की ओर जाते हुए देखा गया। शक होने पर पुलिस ने दोनों से पूछताछ की लेकिन वे दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इन दोनों की पहचान विवेक तुलसीराम लुल्ला (४३) और हेमा किशनलाल सिंह (३०) के तौर पर हुई। दोनों ने बताया कि नई मुंबई से पुणे तक उन्होंने टैक्सी से यात्रा की और नेशनल इंश्योरेंस अकादमी के ठीक पहले उतर गए। दोनों शहर में मेफेड्रोन की अवैध खेप पहुंचाने के लिए आए थे। शुरुआती जांच के दौरान गिरफ्तार महिला हेमा ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में कोई काम नहीं होने की वजह से वो पैसे-पैसे को मोहताज हो गई थी। लॉकडाउन की बंदिशें कम हुर्इं तो मुझे पुणे ड्रग की खेप पहुंचाने के लिए कहा गया। मुझे एक आदमी के साथ रहने का नाटक करने को भी कहा गया, जिससे किसी को शक न हो सके। आरोपियों को रविवार को अवकाश अदालत में पेश किया गया। दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया गया। पुलिस ड्रग पैडलिंग गैंग के किंगपिन तक पहुंचने में जुटी है। जांच अधिकारी विजय टिकोले के मुताबिक आरोपी महिला ने कबूल किया कि वो पिछले ३-४ महीनों से ड्रग पैडलिंग से जुड़े लोगों के संपर्क में थी। पुलिस ये भी पता लगाने में जुटी है कि पुणे में ड्रग की खेप कहां पहुंचाई जानी थी।