" /> भाजपा में वाकयुद्ध जारी : खडसे के बाद शिंदे ने जताई नाराजगी

भाजपा में वाकयुद्ध जारी : खडसे के बाद शिंदे ने जताई नाराजगी

विधान परिषद चुनाव को लेकर भाजपा में नाराजगी बढ़ती जा रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील के बीच वाकयुद्ध चल ही रहा है, वहीं अब पूर्व मंत्री राम शिंदे भी मैदान में कूद गए हैं।
शिंदे ने फेसबुक पोस्ट करके नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील पर कटाक्ष किया है। विधान परिषद चुनाव में एकनाथ खडसे, पंकजा मुंडे, चंद्रशेखर बावनकुले, विनोद तावडे सहित कोथरूड निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व विधायक मेधा कुलकर्णी को भाजपा की उम्मीदवारी दिए जाने की उम्मीद थी। परंतु उक्त नेताओं को दरकिनार करके रणजीतसिंह मोहिते पाटील, गोपीचंद पडलकर, प्रवीण दटके ओर रमेश कराड को दिए जाने बाद भाजपा के अंतर्गत चल रही नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त करने के बाद, पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे और पूर्व विधायक मेधा कुलकर्णी ने फेसबुक के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

खडसे का पाटिल से सवाल,
बेटी को क्यों दिया गया जबरदस्ती टिकट?
पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील के बीच जमकर वाकयुद्ध शुरू है।
विधान परिषद की उममीदवारी घोषित होने से पहले पाटील ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में पाटील को टिकट न दिए जाने की बात कही थी।
विधान सभा चुनाव में खडसे की लड़की को टिकट दिया गया था, ऐसा भी पाटील ने स्पष्ट किया था। इसके बाद खडसे ने पाटील से सवाल किया कि मेरी बेटी को जबरदस्ती टिकट क्यों दिया गया? प्रदेश अध्यक्ष पाटिल ने सार्वजनिक तौर नाराजगी व्यक्त करने के लिए खडसे पर हमला किया था और पार्टी द्वारा उन्हें दिए गए अवसरों की सूची को पढ़कर सुनाया था। खडसे के आरोपों का जवाब देते हुए, पाटील ने कहा कि विधानसभा चुनाव में खडसे की बेटी को मौका दिया गया था तो विधान परिषद में मौका नहीं दिया जाता। यह भाजपा का नियम है इसलिए पंकजा मुंडे और खडसे को विधान परिषद की उम्मीदवारी नहीं दी गई, यह स्पष्ट किया। पाटील पर निशाना साधते हुए खडसे ने सवाल किया कि विधान सभा में मेरी उम्मीदवारी को नकार कर बेटी को जबर्दस्ती टिकट क्यों दिया गया।