" /> कोरोना पर ब्रेक!, डबलिंग रेट हुई ८० दिन

कोरोना पर ब्रेक!, डबलिंग रेट हुई ८० दिन

मुंबई में कोरोना पर ब्रेक लगभग लग चुका है। इसका अंदाजा यहां मरीजों के दोगुने होने की कालावधि को देखकर लगाया जा सकता है। डबलिंग रेट की यह कालावधि प्रति दिन बढ़ते जा रही है। मंगलवार को यह बढ़कर ८० दिन हो गई। इसी के साथ वृद्धि दर भी घटकर ०.८७ प्रतिशत तक पहुंच गई है।

बता दें कि मुंबई में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए मनपा लगातार प्रयासरत है। मनपा द्वारा की गई उपाय योजनाओं के चलते ही मुंबई में कोरोना का ग्राफ गिरता जा रहा है। मनपा द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को मुंबई के २४ में से १८ वार्डों में वृद्धि दर १ प्रतिशत से कम पाई गई। इसके अलावा २४ में से ५ वार्डों की डबलिंग रेट १०० दिन, २ वार्डों की ९०, ८ वार्डों की ८०, २ वार्डों की ७० जबकि ४ वार्डों की डबलिंग रेट ६० दिन पाई गई। इस रिपोर्ट का आंकलन करने पर मुंबई में कोरोना वायरस के टल रहे खतरे का अंदेशा लगाया जा सकता है। डबलिंग रेट की अवधि में प्रति दिन वृद्धि हो रही है जबकि वृद्धि दर घट रही है।

गौरतलब हो कि मुंबई में २२ मार्च को डबलिंग रेट मात्र ३ दिन पाई गई थी। इसके बाद १५ अप्रैल को ५ दिन, १२ मई को १० दिन, २ जून को २० दिन, १६ जून को ३० दिन, २४ जून को ४१ दिन, १० जुलाई को ५० दिन, २२ जुलाई को ६० दिन, २८ जुलाई को ७० दिन और ३ अगस्त को ८० दिन हो गई। बारिश के कारण होनेवाली चुनौतियों का सामना करते हुए मनपा ने वायरस की स्थिति को काबू में बनाए रखा, जिससे मुंबई के हालातों में प्रति दिन सुधार हो रहा है। वर्तमान में सबसे बेहतर स्थिति एच-पूर्व वार्ड की है, जहां डबलिंग रेट की अवधि १६४ दिन पाई गई है।

वसई-विरार से कोरोना हो रहा वॉकआउट

वसई-विरार के लोगों के लिए यह अच्‍छी और राहत देनेवाली खबर है। अब शहर से कोरोना वॉकआउट होने लगा है।
कोरोना संक्रमितों की सेहत में बहुत तेजी से सुधार हो रहा है और वे स्‍वस्‍थ होकर अपने घर को लौट रहे हैं। इसमें सबसे ज्‍यादा योगदान डॉक्‍टरों का है, जो समय पर उपचार के साथ उन्‍हें भोजन-दवाएं मुहैया करा रहे हैं। वसई-विरार में कुल १२,६४७ कोरोना पॉजिटिव मरीजों में से ९,४१९ मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। वसई-विरारवासियों के लिए सोमवार और मंगलवार का दिन बहुत अच्छा रहा। दोनों दिन में कुल १,३१३ मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। बता दें कि पिछले सप्ताह रिकवरी रेट ६५ प्रतिशत था, जो अब ७३.४४ हो गया है।

गर्भवती ने कोरोना को हराया ५६ दिन बाद लौटी घर

ठाणे में गंभीर हाइपोक्सिया से जूझ रही कोरोना ग्रसित २४ वर्षीय महिला को ५६ दिनों बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और अब वो पूरी तरह स्वस्थ है। दरअसल, २४ वर्षीय महिला ७ महीने की गर्भवती थी। २४ मई को उसे ठाणे के महावीर जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉ. विनीत रणवीर ने बताया कि उक्त महिला अत्यंत गंभीर न्यूमोनिटिस और गंभीर एआरडीएस जैसी बीमारी से ग्रसित थी। गंभीर हाइपोक्सिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और जब टेस्ट कराया गया तो वह कोरोना की भी चपेट में आ गई थी। उसे कोविड अस्पताल में शिफ्ट करना मुश्किल था क्योंकि वह बेहद गंभीर स्थिति में थी इसलिए एक ही सेटअप में उसका इलाज करने का निणर्‍य अस्पताल प्रबंधन ने लिया। अथक प्रयासों और सावधानीपूर्वक प्रबंधन के बाद, वह अच्छी तरह से ठीक हो गई और आईसीयू में रहने के ४८ दिनों के बाद और वेंटिलेटर पर लगभग ३५ दिनों पर रखने के बाद इस प्रकार कुल ५६ दिनों के लंबे अंतराल के बाद उसे ठीक किया गया और अब उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।