" /> केंद्रीय टीम की फिर हुई किरकिरी : मुंबई में कोरोना का अनुमान हुआ टांय- टांय फिस्स

केंद्रीय टीम की फिर हुई किरकिरी : मुंबई में कोरोना का अनुमान हुआ टांय- टांय फिस्स

 १५ मई तक कोरोना के ६,५६,००० मरीज का था अनुमान
 मुंबई में मिले सिर्फ १७ हजार ही मरीज
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई  में कोरोना विस्फोट हो सकता है। अप्रैल तक महानगर में कोरोना संक्रमितों की संख्या ४२ हजार और १५ मई तक ६ लाख ५६ हजार तक पहुंच सकती है।  कोरोना की स्थिति का जायजा लेने मुंबई आई केंद्रीय टीम ने यह अनुमान लगाया था लेकिन उनका यह अनुमान पहले अप्रैल में फुस्स हो गया और अब टांय- टांय फिस्स हो गया। इसके फुस्स होने की वजह कोरोना रोकथाम के लिए मनपा द्वारा की जा रही कड़ी उपाय योजना बताई जाती है।
बता दें कि पिछले माह मुंबई में कोरोना की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव मनोज जोशी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यों की टीम मुंबई आई थी। इस टीम ने वरली, धारावी, गोवंडी आदि कोरोना हॉट स्पॉट इलाकों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान केंद्र की टीम ने कोरोना रोकथाम के लिए मनपा द्वारा किए जा रहे उपाय योजना की जानकारी भी ली। अपने मुंबई दौरे के दौरान केंद्र की टीम ने ३० अप्रैल तक महानगर में कोरोना संक्रमितों की संख्या ४२ हजार तक और १५ मई २०२० तक यह संख्या ६ लाख ५६ हजार तक होने का अनुमान लगाया था। केंद्रीय टीम का यह अनुमान विशेषज्ञों के बीच बहस का मुद्दा बन गया था। यह भी कहा जा रहा था कि इतने अधिक कोरोना पॉजिटिव होने की अनुमान जताकर केंद्रीय टीम ने कोरोना वायरस से निपटने की राज्य सरकार के प्रयासों की अनदेखी की है। केंद्र की टीम का पहला अनुमान अप्रैल माह के अंत में फुस्स हो गया जब मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या करीब ८ हजार तक ही पहुंची। अब दूसरा अनुमान १५ माई को उस समय टांय- टांय फिस्स हो गया जब १५ मई को मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या सिर्फ १७ हजार ही थी। इन आंकड़ों ने केंद्रीय टीम के उन सभी दावों की हवा निकाल दी है जो उन्होंने मुंबई में कोरोना को लेकर किया था। झुग्गियों में मास स्क्रीनिंग, बीमार बुजुर्गों की जांच और कांटेक्ट ट्रेसिंग करने के बाद भी मुंबई में कोरोना के उतने मरीज नहीं मिल पाए जो केंद्र की टीम ने अनुमान लगाया था।