" /> मुख्यमंत्री ने किया १२वीं के सफल विद्यार्थियों का अभिनंदन!

मुख्यमंत्री ने किया १२वीं के सफल विद्यार्थियों का अभिनंदन!

राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित १२वीं कक्षा की परीक्षा में सफल होनेवाले विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अभिनंदन किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि १२वीं कक्षा की परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, इसे सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करनेवाले सभी छात्रों का अभिनंदन! आप अगर एक बार तय कर लें तो कुछ भी ऐसा नहीं, जिसे आप हासिल नहीं कर सकते। जिन विद्यार्थियों के परिणाम अपेक्षाकृत नहीं आए हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम जीवन के सभी चरणों में सफल होते हैं, ऐसा नहीं है और एक परीक्षा आपके भविष्य का निर्धारण नहीं करती है। आप सब एक समृद्ध महाराष्ट्र की रीढ़ हैं। उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को शुभकामनाएं! मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ आदि नेताओं ने भी १२वीं में सफल होनेवाले छात्रों को बधाई दी है।

विद्यार्थियों को भाया विज्ञान!

महाराष्ट्र बोर्ड की १२वीं का परिणाम कल गुरुवार को जारी कर दिया गया। इस वर्ष विज्ञान में ९६.९३ प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जो कि किसी भी स्ट्रीम के मुकाबले सबसे अधिक है। ऐसे में कह सकते हैं कि विद्यार्थियों को इस बार विज्ञान भाया है।
दूसरे स्थान पर कॉमर्स ९१.२७ प्रतिशत एवं ८२.६३ प्रतिशत के साथ आर्ट्स तीसरे स्थान पर है। सफलता के मामले में कोंकण सबसे आगे रहा, जहां ९५.८९ प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। दूसरा स्थान पुणे का रहा, जहां ९२.५ प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं।
महाराष्ट्र बोर्ड की १२वीं की परीक्षा गत १८ फरवरी से शुरू हुई थी और १८ मार्च के पहले खत्म हो गई थी। यानी लॉकडाउन शुरू होने के पहले सभी विषय की परीक्षा खत्म हो गई थी। इस वर्ष पास होने का फीसदी ४.७८ प्रतिशत बढ़ गया है। राज्य में ९०.६६ प्रतिशत विद्यार्थी सफलतापूर्वक परीक्षा में उत्तीर्ण हो गए हैं। बोर्ड के मुताबिक इस वर्ष १४ लाख २० हजार ५७५ विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए पंजीकृत हुए थे। इसमें से १४ लाख १३ हजार ६८७ विद्यार्थित्रों ने परीक्षा दी। इनमें से १२ लाख ८१ हजार ७१२ विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। इस वर्ष सफलता ८८.४१ प्रतिशत रही। बता दें कि लॉकडाउन की वजह से इस बार विद्यार्थियों को रिजल्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। अमूमन जून के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट को घोषित कर दिया जाता है मगर इस बार यह मध्य जुलाई में हुआ।

ठाणे में लड़कियों ने मारी बाजी
ठाणे जिले में इस बार भी बाजी लड़कियों के हाथ रही। पिछले वर्ष जहां ठाणे जिले के विद्यार्थियों के पास होने का प्रतिशत ८४.६३ फीसदी था, वहीं इस वर्ष में तकरीबन ५ फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और जिले में ८९.८६ फीसदी विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है।
ठाणे जिले में कुल ९१ हजार ३९ विद्यार्थियों ने १२वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें से ८१ हजार ८०५ विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। इसमें २७ हजार, ९८० विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, तो ३८ हजार, ४०४ विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं जबकि ४ हजार ७८१ विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं।

विज्ञान शाखा ने मारी बाजी
पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी विज्ञान शाखा के विद्यार्थियों ने बाजी मारी है। विज्ञान शाखा का ९५.६२ फीसदी रिजल्ट आया है। विज्ञान शाखा से कुल २६ हजार ५०१ विद्यार्थियों ने १२वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें  २५ हजार, ३४० विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इसमें प्रथम श्रेणी में ९ हजार २४३, द्वितीय श्रेणी में ११ हजार ६९१ और तृतीय श्रेणी में ६५६ विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, वहीं कला शाखा के विद्यार्थी द्वितीय स्थान पर रहे। जिसका रिजल्ट ७९.७३ फीसदी आया है। इस वर्ष करीब १४ हजार, ६९४ विद्यार्थियों ने कला शाखा से परीक्षा दी थी, जिसमें से ११ हजार, ७१६ विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें प्रथम श्रेणी में २ हजार ७१२, द्वितीय श्रेणी में ७ हजार, ३०८ तो तृतीय श्रेणी में १ हजार, १९१ विद्यार्थियों का समावेश है, वहीं वाणिज्य शाखा का परीक्षा परिणाम ८९.७६ फीसदी आया है। इस शाखा से कुल ४८ हजार, ८८३ विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिसमें ४३ हजार, ८७६ विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इसमें प्रथम श्रेणी में १५ हजार, ६२५, द्वितीय श्रेणी में १८ हजार, ८७९ और तृतीय श्रेणी में २ हजार, ९३१ विद्यार्थी शामिल हैं।

नेत्रहीन को मिले ९० फीसदी अंक
रुइया कॉलेज में आर्ट्स में पढ़नेवाले सर्वेश नाईक नेत्रहीन हैं। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा में ९० फीसदी अंक अर्जित किए हैं। सर्वेश ने बताया कि मैंने शुरू से ही अपनी पढ़ाई जारी रखी थी। कॉलेज के सारे लेक्चर अटेंड किए, जिसके चलते मेरे अनुमान के मुताबिक मुझे मार्क्स मिले हैं। कॉलेज, अभिभावक और पर्ल विजन सामाजिक संस्था ने मेरी बहुत सहायता की है। मैं आगे लॉ की पढ़ाई कर लॉयर बनना चाहता हूं। दिव्यांग (नेत्रहीन) विद्यार्थियों के लिए मदद का हाथ बढ़ानेवाली संस्था पर्ल विजन की उम्मेहानी बग्सरावाला ने बताया कि सर्वेश पढ़ाई में काफी अच्छा है। हमने भी कई बार उसका मार्गदर्शन किया है। हमें पूरा विश्वास है वह आगे भी अच्छा परफॉर्म करेगा।