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कैट हुआ कड़क चीनी कंपनियों हिंदुस्थान छोड़ो!

हिंदुस्थान छोड़ो आंदोलन के दिन चीन के खिलाफ कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक बार फिर बिगुल फूंका है। चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के आह्वान के बाद कैट ने कल ‘चीन हिंदुस्थान छोड़ो’ का नारा बुलंद किया है। देशभर के विभिन्न राज्यों के लगभग ६०० स्थानों पर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान ‘चीन हिंदुस्थान छोड़ो ‘प्रोजेक्ट पर जोर देते हुए चीनी उत्पादों के बहिष्कार के साथ ही सरकारी प्रॉजेक्टों में चीन की हिस्सेदारी और विभिन्न संवेदनशील निर्माण कार्यों में चीन की कंस्ट्रक्शन मशीनरी आदि पर तुरंत प्रतिबंध की मांग की गई।
चाइनीज कंपनियों को ना मिले IPL स्पॉन्सरशिप
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा आईपीएल में चीनी कंपनी वीवो के खिलाफ कैट ने जो मोर्चा खोला था उसको देखते हुए वीवो कंपनी ने स्वयं अपने आप को आईपीएल से अलग कर लिया था लेकिन बीसीसीआई अब अमेजन एवं चीनी कंपनी ब्यूज सहित अन्य अनेक कंपनियों से स्पॉन्सरशिप की बात कर रहा है । उन्होंने क्रिकेट बोर्ड को चेताते हुए कहा की अमेजन जैसी कंपनियां जो अपनी नितांत गलत नीतियों के कारण हिंदुस्थान ही नहीं बल्कि विश्व में कुख्यात हैं और जिसके खिलाफ दुनिया के अनेक देशों में जांच चल रही है, ऐसी कंपनियों से आईपीएल को दूर रखा जाए । इसी प्रकार चीनी कंपनी ब्यूज को भी स्पॉन्सरशिप देना बेहद गलत होगा और अनावश्यकरूप से गंभीर विवाद को जन्म देगा । बीसीसीआई किसी भी हिंदुस्थानी कंपनी को स्पांसर बनाए तो हमें कोई आप्पत्ति नहीं है।
५जी नेटवर्क पर लगे पाबंदी
भरतिया एवं खंडेलवाल ने चीन भारत छोड़ो अभियान का एजेंडा जारी करते हुए केंद्र सरकार से चीन की चौतरफा घेराबंदी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत चीनी कंपनी हुवावे की ५ जी नेटवर्क को हिंदुस्थान में लागू करने से पहले प्रतिबंधित किया जाए। ण्Aघ्ऊ के सुझाव पर सरकार ने ५९ चीनी ऐप को प्रतिबंधित किया है और उसी तर्ज पर बची खुची चीनी ऐप को भी सरकार को प्रतिबंधित करना चाहिए । चीन द्वारा बड़ी संख्या में भारतीय स्टॉर्टअप में बड़ा निवेश किया है , ऐसे सभी स्टॉर्टअप को कहा जाए की वो चीनी निवेशकों को बाहर करें और सरकार इन स्टॉर्टअप में हिंदुस्थानी लोगों द्वारा निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक आकर्षक नीति की घोषणा हो ।
डंपिंग पर लगे रोक
भरतिया एवं खंडेलवाल ने यह भी कहा कि चीन से हो रहे आयात को बारीकी से देखा जाए और जिन वस्तुओं की डंपिंग हो रही है अथवा जो वस्तुएं गैर जरूरी आयात हो रही हैं उन पर या तो ड्यूटी में वृद्धि हो या उन पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाए। देशभर में चल रहे सरकारी निर्माणों में यह देखा जाए कि किस मात्रा में चीनी कंस्ट्रक्शन मशीनरी इस्तेमाल हो रही है और उनमें यदि आईओटी डीवीसी लगा हो तो ऐसी चीनी मशीनों को तुरंत इस्तेमाल होने से रोका जाए।