" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का निर्देश : परीक्षाओं के विकल्पों की करो जांच

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का निर्देश : परीक्षाओं के विकल्पों की करो जांच

– छात्रों-अभिभावकों की चिंताओं को करो समाप्त

*जीवन के लिए शिक्षा जरूरी है
*ऐसे संकट जारी रह सकते हैं
*बच्चों को सीखते रहने की जरूरत है

एक भी विद्यार्थी को कोरोना वायरस का संक्रमण न हो, इसकी सावधानी बरतते हुए विश्वविद्यालय को परीक्षा लेनी है। इसके लिए परीक्षा पद्धति व समय निश्चित करके विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन की चिंता समाप्त होनी चाहिए। इस दृष्टि से विभिन्न विकल्पों की जांच करने का निर्देश कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम वर्ष के सभी सत्रों के लिए औसत अंक या ग्रेड के प्रावधान के साथ-साथ ग्रेड सुधार के लिए वैकल्पिक परीक्षा के विकल्प के बारे में कानूनी मुद्दों पर गौर करने की जरूरत भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संकट का लाभ उठाते हुए महाराष्ट्र में प्राथमिक और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास करें और इसमें क्षेत्रीय असमानताओं को खत्म करने के साथ ही नए शिक्षण पद्धति के बारे में शोध करें। कल विश्वविद्यालय
परीक्षा व शैक्षणिक वर्ष के संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में राज्य के विश्वविद्यालय के कुलपतियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक संपन्न हुई। इस बैठक
में उच्च व तकनीकी शिक्षण मंत्री उदय सामंत, राज्यमंत्री प्राजक्त तनपुरे, मुख्य सचिव अजोय मेहता, विभाग के सचिव सौरभ विजय, तकनीकी शिक्षण संचालनालय संचालक डॉ. अभय वाघ आदि सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री ने इस बैठक में समग्र शिक्षा प्रणाली पर शोध करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विदेशों में शिक्षा का संचालन होता है, खासकर यह विश्वविद्यालयों में कैसे पढ़ाया जाता है, इसका अध्ययन किया जाना चाहिए। क्योंकि स्नातक होने के बाद भी ये छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाते हैं। इसलिए हमें यह पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए कि शिक्षण विधियों को कैसे लाया जाए? कोरोना को आंख खोलने वाला वायरस कहा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संकट जारी रह सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, शिक्षा, उद्योग और कार्यालयों को इस तरह से विकसित किया जाना चाहिए कि वे जारी रह सकें। दुनिया रुकनी नहीं चाहिए। आपके पास पूरी सुविधाएं होनी चाहिए। इसके लिए यह विचार करना आवश्यक है कि क्या बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सकता है? जीवन के लिए शिक्षा जरूरी है। आपके बच्चों को सीखते रहने की जरूरत है। उस दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। घर पर शिक्षा को कैसे आसान बनाया जाए, इसके लिए ई-लर्निंग, डिजिटल क्लास रूम जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस मौके पर उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने परीक्षा लेने के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर मुख्य सचिव मेहता ने कहा कि इस तरह की योजना परीक्षा का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका होगा। गुणवत्तापूर्ण छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए निश्चित रूप से प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता के जो छात्र हैं, उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अब कक्षा शिक्षण की प्रकृति को आकार देने के लिए शोध करना, डिजिटल शिक्षण और ऑनलाइन शिक्षण विधियों का विकास करना होगा। इस बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव सौरभ विजय, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सुहास पेडणेकर और अन्य लोगों ने भाग लिया।