" /> कोयले का संकट केंद्र का पाप!… संकट का करेंगे मुकाबला

कोयले का संकट केंद्र का पाप!… संकट का करेंगे मुकाबला

भाजपा शासित राज्यों का और गुजरात में बिजली का अतिरिक्त उत्पादन हो रहा है क्योंकि भाजपा शासित राज्यों को कोयले की आपूर्ति हो रही है। इसके चलते बिजली का अतिरिक्त उत्पादन उन राज्यों में हो रहा है। कोयले का संकट केंद्र सरकार का पाप है। गैर-भाजपा शासित राज्यों को सहयोग न करने की केंद्र सरकार की नीति है। यह सनसनीखेज आरोप ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत ने लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही हम महंगी बिजली खरीदें लेकिन राज्य में बिजली की दर नहीं बढ़ाई जाएगी।
कोल इंडिया ने नहीं किया भंडारण!
ऊर्जा मंत्री राऊत के अनुसार बारिश से पहले कोल इंडिया लिमिटेड को पूरे देश की मांग पूरी करने के लिए ६६० मिलियन टन कोयला का भंडारण करना जरूरी होता है। ४४ मिलियन टन कोयले की आवश्यकता थी। लेकिन उसने यह नियोजन नहीं किया। यह नियोजन शून्य कामकाज है। यह जानबूझकर किए जाने का संदेह है।
नहीं होने दिया गया ब्लैकआउट
राऊत के मुताबिक बिजली की कमी थी फिर भी महंगी कीमत पर बिजली खरीदकर राज्य में २४ घंटे बिजली आपूर्ति की गई। प्रति यूनिट १६ रुपए तो कभी २० रुपए का भुगतान किया गया लेकिन राज्य को अंधेरे में नहीं जाने दिया गया। इस हालात में भी राज्य में बिजली की दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी।