" /> हिंदुस्थान को अंदर और बाहर से दहलाने की साजिश!, पहले आतंकी भिजवाए अब ड्रोन से हथियार

हिंदुस्थान को अंदर और बाहर से दहलाने की साजिश!, पहले आतंकी भिजवाए अब ड्रोन से हथियार

पहली बार जम्मू सीमा पर उस पार से ड्रोन के जरिए हथियार व गोला बारूद की सप्लाई का प्रयास किया गया। मगर अलर्ट बीएसएफ ने इसे नाकाम बना दिया। इससे पहले पाक सेना पंजाब में ऐसे कई प्रयासों में सफल हो चुकी है।

इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा का दायित्व संभाल रहे बीएसएफ के जवानों ने कल शनिवार सुबह जिला कठुआ के हीरानगर सेक्टर के रथुआ क्षेत्र में भारतीय क्षेत्र में मंडरा रहे पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया जो खेत में गिरा।

बीएसएफ जवानों ने जब ड्रोन को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच की तो उसमें से अमेरिका निर्मित एम-४ सेमी आटोमेटिक राइफल, उसके ६० राउंड, दो मेगजीन और सात एम-६७ ग्रेनेड भी बरामद किए हैं। इसकी डिलीवरी किसी अली भाई नाम के शख्स को होनी थी क्योंकि पेलोड पर उसका नाम लिखा था। बीएसएफ का कहना है कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को कश्मीर में सक्रिय रहने के लिए इस तरह से हथियारों की आपूर्ति कर रहा है ताकि घाटी में हिंसक घटनाएं होती रहें और शांति एवं कानून-व्यवस्था को बिगाड़ा जा सके।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां कुपवाड़ा, राजौरी और जम्मू सेक्टर में इस तरह की हथियारों की तस्करी करने की कोशिशों का भंडाफोड़ कर चुकी हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह ५.१० बजे के करीब घटित हुई है। बीएसएफ जवान जब सीमा पर गश्त लगा रहे थे तो उन्होंने पाकिस्तानी ड्रोन को रथुआ में गांव पंसर पर मंडराते हुए देखा। जैसे ही ड्रोन ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया, सतर्क बीएसएफ जवानों ने उसे गोली मारकर गिरा दिया। सूत्रों का कहना है ड्रोन के साथ जो सामान मिला है, उसके साथ अली भाई के नाम से एक पर्ची भी है, जिसके आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ये हथियार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय आतंकी अली भाई तक पहुंचाए जाने थे। हालांकि पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि रथुआ क्षेत्र के पंसर गांव जहां यह पाकिस्तानी ड्रोन मंडरा रहा था, ये हथियार वहां किस तक पहुंचाए जाने थे?

उन्होंने बताया कि बीएसएफ जवानों ने नौ गोलियां चलाई और ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में २५० मीटर अंदर की ओर मार गिराया। बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे गए हैं और मामले की छानबीन की जा रही है।