फास्ट फूड को धक्का, प्लेट से कम होगा मक्का! बेईमान बारिश और कीट से फसल खराब

मक्का इन दिनों फास्ट फूड की जरूरत बन चुका है। सड़क से लेकर पांच सितारा होटलों में परोसे जानेवाले व्यंजनों का स्वाद मक्का बढ़ा रहा है। आलू और प्याज की तरह मक्का भी इन दिनों फास्ट फूड से लेकर सब्जियों तक की जान बन चुका है। जल्द ही मक्के से बननेवाले फास्ट फूड व अन्य डिशेज को धक्का लगनेवाला है क्योंकि प्लेट से अब मक्का धीरे-धीरे कम होनेवाला है। डिमांड अधिक होने के बावजूद किसानों ने मक्के की बुआई इस बार कम की है। एपीएमसी के लोगों की मानें तो बारिश की बेरुखी और राज्य में मक्के में लगते कीड़े किसानों के चिंता का सबब बने हुए हैं।
बता दें कि मक्के का उपयोग मनुष्य के साथ-साथ पशुओं और मुर्गियों के भोजन के रूप में भी किया जाता है। ऐसे में मक्के की डिमांड दिन-ब दिन बढ़ती जा रही है लेकिन देशभर में जून में इस वर्ष केवल ३ लाख हेक्टेयर ही मक्के की बुआई हुई है जबकि गत वर्ष ४.५ लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी। राज्य में मक्के के दामों में अभी से ही इजाफा देखने को मिल रहा है। वाशी स्थित एपीएमसी थोक बाजार में मक्के के व्यापारी विजय शेलके ने बताया कि फिलहाल सीजन न होने के कारण बाजार में लगभग ३० प्रतिशत मॉल ही पहुंच पा रहा है। गत वर्ष बारिश कम थी और फसल में कीटाणु लगने के कारण काफी फसल बर्बाद हो गई थी। इस वर्ष भी बुआई कम है क्योंकि मक्के की फसल के लिए पानी बहुत लगता है परंतु बारिश का ठिकाना नहीं है। आवक अच्छी रहती है तो ३५ से ४० किलो की बोरी ३०० से ४०० रुपए में बिकती है। वर्तमान में ४५० से ६०० रुपए (गुणवत्ता के अनुसार) बिक रही है। खुदरा बाजार में रेट और भी बढ़ जाता है।