" /> बुजुर्गों को कोरोना से सुरक्षित रखेगा ‘सेफसीनियर्स’

बुजुर्गों को कोरोना से सुरक्षित रखेगा ‘सेफसीनियर्स’

कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों पर बना है। देश मे अब तक कोरोना से हुई मौतों में बुजुर्गों का प्रमाण सबसे अधिक है। कोरोना वायरस के खतरे से बुजुर्गों को सुरक्षित रखने के लिए ‘सेफसीनियर्स’ ऐप लांच किया है। यह एक अनूठा उपकरण है जो बुजुर्गों में कोविड-19 की शीघ्र पहचान करने में कारगर साबित होगा।
बता दें कि देश मे बुजुर्गों की संख्या करीब 12 करोड़ है। डॉक्टरों के मुताबिक सीनियर सिटीजन कोरोना वायरस के हाई रिस्क ग्रुप में आते है। ऐसे में इस कोरोना के खतरे से बुजुर्गों को सुरक्षित रखने के लिए सीनियॉरिटी और आरपीजी लाइफ साइंसेज ने सेफसीनियर्स ऐप लांच किया है। इसका विकास संक्रामक रोगों, सामुदायिक चिकित्सा, चिकित्सीय औषधि विज्ञान और कोविड-19 प्रबंधन के क्षेत्रों के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ परामर्श करके किया गया है। ऐप के फायदों के बारे में बताते हुए आरपीजी लाइफ साइंसेज के प्रबंध निदेशक युगल सिकरी तथा सीनियॉरिटी के सह-संस्थापक आयुष अग्रवाल एवं तपन मिश्र ने कहा कि, ऐप को विशेषकर बुजुर्गों में कोविड-19 की शीघ्र पहचान में मदद के लिए तैयार किया गया है। बुजुर्गों और उनके प्रियजनों को उनकी पुरानी चिकित्सीय अवस्थाओं, यात्रा और सामाजिक मेलजोल के विवरण के साथ बुखार, सूखी खांसी आदि जैसे प्रमुख लक्षणों को हर रोज ऐप में एंटर करने को कहा जाता है। महज कुछ क्लिक के बाद सेफसीनियर्स प्रगतिशील आधार पर सेहत को मॉनिटर करने लगता है। डायनामिक तकनीकी क्षमताओं से सुसज्जित यह उपकरण वास्तविक समय के आधार पर लाखों आंकड़ों का विश्लेषण करके बुजुर्गों और उनके प्रियजनों को कोविड-19 के जोखिम स्तर और रोग के अनियंत्रित होने के पहले पर्याप्त उपचार कराने की चेतावनी दे देता है। आसान यूजर इंटरफेस के साथ 12 भाषाओं में उपलब्ध इस उपकरण के प्रति हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है।