" /> मुंबई में कोरोना का खौफ हुआ खत्म!

मुंबई में कोरोना का खौफ हुआ खत्म!

राज्य सरकार द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना को रोकने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन कई इलाकों में लोग इस बीमारी के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसी का नतीजा है कि आज मुंबई में कोरोना मरीजों की कुल संख्या एक लाख के पार पहंच गई। हालांकि राज्य सरकार एवं डॉक्टरों के प्रयासों के कारण कुल १,००,३५० लोगों में से ७०,४९२ लोग कोरोना को हराने में सफल हो चुके हैं। इस तरह वर्तमान में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या २३,९१७ ही शेष बची है। परिस्थितयों से साफ पता चल रहा है कि मुंबई में कोरोना का खौफ खत्म हो चुका है।
बता दें मुंबई में पहला मामला ९ मार्च को सामने आया था। ६ मई तक वहां १०,००० मामले हो चुके थे। पहले ५०,००० मामले होने में ९२ दिन लगे, पर अगले ५० हजार मरीज सिर्फ ४० दिन में सामने आ गए। मनपा के मुताबिक शहर का डब्लिंग रेट ५५ दिन है, वहीं रिकवरी रेट ७० फीसदी है। मुंबई में अब तक ५,६५० लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह महाराष्ट्र के कुल ३,००,९३७ मरीजों में मुंबई की हिस्सेदारी ३३ फीसदी है। सुकून की बात ये है कि जब महाराष्ट्र में दो लाख मरीज हुए थे, तब मुंबई की हिस्सेदारी ४२ फीसदी थी। गौरतलब हो कि हिंदुस्थान में कोरोना के कुल मामलों की संख्या १९ जुलाई को जारी किए गए आंकड़ों के हिसाब से १०,७७,६१८ हो चुकी है। इनमें से ६,७७,४२३ लोग ठीक हो चुके हैं जबकि २६,८१६ लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह फिलहाल देश में ३,७३,३७९ सक्रिय मामले हैं।

डबलिंग रेट हुई ५५ दिन
एक समय जहां मुंबई को कोरोना वायरस के लिए हिंदुस्थान में सबसे ज्यादा खतरनाक समझा जा रहा था। वहीं मनपा के प्रयासों से मुंबई की स्थिति में लगातार हर रोज सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। रविवार को एक बार फिर मुंबई के डबलिंग रेट में सुधार आया और इसकी अवधि बढ़कर अब ५५ दिन हो गई है। इसी के साथ वृद्धि दर में भी कमी आई है और मात्र एक दिन में यह १.३० प्रतिशत से घटकर १.२६ प्रतिशत हो गई है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मुंबई में कोरोना की हार पक्की है। बता दें कि शनिवार को जहां मुंबई का डबलिंग रेट ५४ दिन था, वहीं मात्र एक दिन बाद रविवार को इसकी अवधि बढ़कर ५५ दिन हो गई है। इसी के साथ वृद्धि दर में भी एक ही दिन में कमी आई है और यह १.३० प्रतिशत से घटकर १.२६ प्रतिशत हो गई है, जिससे मुंबई के हालातों में लगातार हो रहे सुधार का अंदाजा लगाया जा सकता है। सबसे सघन आबादीवाला शहर होने के बावजूद मुंबई में कोरोना वायरस के नियंत्रण की विश्वभर में सराहना ही रही है। वर्तमान में एच पूर्व वार्ड की डबलिंग रेट बढ़कर १४६ दिन हो गई है, जबकि १६ वॉर्डों में डबलिंग रेट की अवधि ५० दिन से अधिक हो गई है।