" /> बाप्पा की विदेश यात्रा बाधा बना कोरोना

बाप्पा की विदेश यात्रा बाधा बना कोरोना

बदलापुर के सबसे पुराने श्रीगणेश के चित्रकला मंदिर से विगत १० वर्ष से सैकड़ों श्री गणेश व माता दुर्गा की मूर्तियां मॉरीशस देश जाती थीं, जहां पर बड़ी संख्या में बसे हिंदू परिवार इन मूर्तियों की पूजा-अर्चना करके श्री गणेश जयंती व नवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाते थे लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी ने बाप्पा व माता दुर्गा की मूर्तियों के विदेश यात्रा पर रोक लगा दी। यानी बाप्पा की विदेश यात्रा में कोरोना बाधा बन गया है।
बदलापुर शहर शिवसेना के विभागप्रमुख व श्रीगणेश चित्रकला मंदिर के संचालक उल्हास आंबवने ने बताया कि तीन पीढ़ी से मूर्ति बनाने का कारखाना बदलापुर में शुरू किया गया है। पिछले दस वर्ष से कंटेनर के द्वारा मुंबई के नहावा शेवा बंदरगाह से श्रीगणेश जयंती से ४५ दिन पूर्व दिए गए ऑर्डर के मुताबिक श्रीगणेश व माता दुर्गा की मूर्तियां जो ८ से १० फुट तक होती थीं, उसे बनाकर विदेश अर्थात मॉरीशस भेजा जाता था। इस वर्ष भी ४४७ मूर्तियों का ऑर्डर आया था परंतु कोरोना के चलते ऑर्डर नहीं लिया गया। कोरोना के चलते बंदरगाह बंद हैं। इतना ही नहीं लॉकडाउन के कारण कारीगर काम पर नहीं आ रहे हैं। इससे कारखाना भी बंद ही है। उल्हास आंबवने ने आगे बताया कि १० वर्ष में ९०० के करीब मूर्तियां विदेश भेजी गई हैं। वर्ष २०२० यह ११वां वर्ष है। गौरतलब हो कि श्रीगणेश चित्रकला मंदिर जैसे कारखाने में २५ पुरुष व १० महिलाएं काम करती हैं, जो मूर्ति बनाने से कलर सभी तरह का काम वर्षभर करते हैं। सभी मूर्तियां शालू मिट्टी अर्थात ईको फेंडली होती हैं, जो पर्यावरण को नुकसान नहीं करतीं। सारी मूर्तियां प्रदूषण रहित होती हैं लेकिन इस वर्ष कोरोना के मूर्तियों की संख्या और आकार काफी कम हो गए हैं।