" /> सीरियल्स के सीन में भीड़ होगी कम!

सीरियल्स के सीन में भीड़ होगी कम!

-लेखकों को किरदार घटाने का आदेश

*यूनिट की संख्या एक तिहाई करने का लक्ष्य
*कलाकारों और तकनीशियनों में होगी कटौती

कोरोना वायरस के कारण पिछले सवा 2 महीने से फिल्मों के साथ ही सीरियल की शूटिंग भी ठप पड़ी है। ऐसे में दर्शक इन सीरियलों के पुराने एपिसोड देखकर तो बोर हो ही रहे हैं, सीरियल के निर्माता और टीवी चैनल दोनों को भी तगड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब जबकि सरकार लॉकडाउन में कुछ रियायत दे रही है तो टीवी चैनल व सीरियल निर्माताओं को भी उम्मीद की किरण नजर आई है। टीवी इंडस्ट्री में इस बात की चर्चा है कि यूनिट अगर छोटी हो तो कुछ नियम-शर्तों के साथ शायद शूटिंग की अनुमति मिल जाए। इसके बाद सीरियल के लेखकों को निर्देश दिया जा रहा है कि वे सीन में से किरदारों की कटौती करें। यानी भीड़ कम करें। ऐसे में सबसे पहले सीरियल्स के सीन में से नौकरों जैसे छोटे-मोटे किरदारों की छुट्टी हो रही है।
पूरे देश में इस समय करीब 900 टीवी चैनल हैं। इनमें से करीब 10 हिंदी के प्रमुख मनोरंजन चैनल ऐसे हैं जो डेली एपिसोड और सीरियल का प्रसारण करते हैं। इनमें भी 5 बड़े चैनल हैं, जिन पर डेली सोप का प्रसारण होता है। एक बड़े चैनल पर प्रसारित होनेवाले पॉपुलर सीरियल के लेखक के अनुसार उसे निर्देश मिला है कि आगे जो भी एपिसोड लिखे जाएं उसमें किरदारों की संख्या घटा दी जाए। लेखक महोदय कहते हैं कि अब प्रमुख किरदारों को तो हटाया जा नहीं सकता तो छोटे-मोटे किरदारों की ही कटौती करनी पड़ रही है। ऐसे में जो घरेलू नौकर और मेड हैं, सबसे पहले सीन में से उनकी ही छुट्टी की जा रही है। आमतौर पर ये जूनियर आर्टिस्ट होते हैं। टीवी इंडस्ट्री के जुड़े सूत्र बताते हैं कि एक बड़े सीरियल में सेट पर औसतन 100 से 150 की यूनिट होती है। अब जब यूनिट की साइज छोटी करनी है तो सिर्फ कलाकार ही नहीं बल्कि टेक्नीशियन की संख्या में भी कटौती करनी पड़ेगी। इसमें प्रोडक्शन से लेकर लाइट्स मैन, स्पॉट बॉय, मेकअप मैन, ड्रेस मैन आदि इन सब विभाग में संख्या घटानी पड़ेगी। इसके साथ ही जो स्टार अपने पर्सनल असिस्टेंट या बॉय को लेकर सेट पर आते हैं, उन्हें भी अकेले आने को कहा जाएगा। अगर यूनिट की संख्या 150 है तो उसकी संख्या घटाकर 50 में समेटने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि यह एक बड़ी चुनौती है। अगर संख्या कम होगी तभी शूटिंग की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इस समय छोटे पर्दे पर कई रियलिटी शो भी चलते हैं। इनमें डांस शो व कॉमेडी शो प्रमुख हैं। सूत्र बताते हैं कि ऐसे शोज में स्टेज पर तो ज्यादा लोग नहीं रहते पर सामने एक बड़ा क्राउड होता है। अगर अनुमति मिलती है तो बिना क्राउड के शूटिंग की जाएगी। ऐसे में सेट पर भीड़ काफी कम हो जाएगी। फिर जब पोस्ट प्रोडक्शन होगा तो उसमें स्टॉक शॉट (पिछले क्राउड का सीन) जगह-जगह पर इनसर्ट कर दिया जाएगा, इससे कम भीड़ में एपिसोड बनाना संभव हो जाएगा।