" /> तीन वर्ष के बालक ने जीता कोरोना से युद्ध : अस्पताल ले लोगों ने तालियां बजाकर दी विदाई

तीन वर्ष के बालक ने जीता कोरोना से युद्ध : अस्पताल ले लोगों ने तालियां बजाकर दी विदाई

फानूस बनके जिसकी हिफाजत हवा करे,
वो शमा क्या बुझे, जिसे रोशन खुदा करे!
इस शेर को सिद्ध करते हुए अकोला में एक तीन साल का बालक कोरोना की लड़ाई जीतकर अस्पताल से बाहर विजयी होकर कदम रखा। इस मौके पर सभी डॉक्टर व उपचार करने वाली मेडिकल टीम ने तालियां बजाकर विदाई दी।

कोरोना का मतलब क्या? तीन साल का बालक इससे अंजान था। उसके संपर्क में रहनेवाले परिवार के लोग कोरोना से प्रभावित थे। 7 अप्रैल को जांच किया गया तो बालक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। एक महीने तक साहस के साथ कोरोना से संघ्र्ष करने के बाद कल बालक कोरोना के खिलाफ जंग में विजयी होकर घर लौट आया। इस दरम्यान बालक की रिपोर्ट पॉजिटिव व निगेटिव दोनों रिपोर्ट तरह आती रही। इस बालक की एक-दो नहीं, बल्कि आठ बार जांच की गई। चार बार जांच रिपोर्ट पॉजिटिव जबिक पांचवीं रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन छठवीं रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई, 24 घण्टे के बाद फिर जांच की गई, तो बालक की रिपोर्ट निगेटिव आई, फिर पांच दिन बाद 2 मई को जांच की गई तो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद चार दिन तक जांच, एक्सरे आदि करने के बाद सभी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मेडिकल टीम पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद अस्पताल से बालक को छोड़ दिया गया। बालक की इलाज कर रही मेडिकल टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम था कि तीन साल का बालक कोरोना की लड़ाई से विजयी होकर घर गया। बालक को घर पर 14 दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। बालक के अस्पताल से विदाई देने के लिए अधिष्ठाता डॉ. कुसुमाकर घोरपडे, उप अधिष्ठाता डॉ. अनिलकुमार बत्रा, डॉ. अपुर्व फावडे, वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. शामकुमार सिरसाम, डॉ. अपर्णा वाहाने, वैद्यकीय उप अधीक्षक डॉ. दिनेश नैताम व अन्य सभी वैद्यकीय कर्मचारी उपस्थित थे।