" /> अंधेरी में कोरोना इन कंट्रोल!

अंधेरी में कोरोना इन कंट्रोल!

मनपा के माध्यम से शुरू कार्यां के कारण पूरी मुंबई में कोरोना नियंत्रण में आ रहा है। इस कड़ी में ‘हॉटस्पॉट’ घोषित हुए मनपा के ‘के-पूर्व’ यानी अंधेरी पूर्व विभाग में मरीजों की संख्या नियंत्रण में आ रही है। अब तक इस विभाग में सर्वाधिक ६,६४९ मरीज मिले, जिनमें से ४,७७७ मरीजों के कोरोनामुक्त होकर घर लौटने के साथ डबलिंग रेट भी ७८ दिन पर चला गया है। यहां अब ८९८ एक्टिव मरीज ही शेष हैं, जिनमें ८० फीसदी से ज्यादा मरीजों की हालत में सुधार आने के कारण अंधेरी पूर्व में कोरोना नियंत्रण में आ रहा है।
अंधेरी पूर्व में शुरुआती दौर में घनी आबादीवाले क्षेत्रों के अलावा बड़ी सोसायटियों में बढ़ती मरीजों की संख्या मनपा के लिए एक चुनौती बन गई थी। मनपा आयुक्त इकबालसिंह चहल के मार्गदर्शन में शुरू किए गए ‘मिशन जीरो’ के तहत घर-घर जांच, स्क्रीनिंग, बुजुर्गों की ऑक्सीजन जांच, मोबाइल क्लिनिक वैन और निर्जंतुकीकरण कर मरीजों की वृद्धि को नियंत्रण में लाया गया। दो सप्ताह पहले यहां प्रति दिन १५० मरीज मिल रहे थे लेकिन मनपा द्वारा की गई उपाययोजना के कारण मरीज मिलने की संख्या घटकर ५० पर पहुंच गई। के-पूर्व के सहायक आयुक्त प्रशांत सपकाले के मार्गदर्शन में अंधेरी विभाग में कोरोना को नियंत्रण में लाने का कार्य जोरों में चल रहा है। मनपा के प्रयासों को विभाग के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग मिल रहा है। इसी के चलते वार्ड क्रमांक ७७ में कल एक भी मरीज नहीं मिला। इस वार्ड में शिवसेना विधायक रवींद्र वायकर के मार्गदर्शन में नगरसेवक बाला नर, नंदकुमार ताम्हणकर के माध्यम से काम किया जा रहा है।

१० मोबाइल वैन वार्ड रूम का लाभ
अंधेरी पूर्व विभाग में पाए गए ६,६४९ कोरोना बाधितों में से ३,३०६ मरीज झोपड़पट्टी में पाए गए। शुरुआत में झोपड़पट्टी में बढ़नेवाली मरीजों की संख्या अब कंट्रोल में आ गई है। सोसायटियों में बिना लक्षणवाले व क्लोज कॉन्टेक्ट के चलते बढ़ी कोरोना मरीजों की संख्या को रोकने के लिए मनपा पूरी तरह जुटी हुई है। इसके लिए स्वास्थ्य शिविर और १० मोबाइल डिस्पेंसरी वैन के माध्यम से लोगों की जांच की जा रही है, ऐसी जानकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजीत पांपटवार ने दी है। इसके अलावा वार्ड वॉर रूम के माध्यम से मरीजों को दिए जा रहे मार्गदर्शन का लाभ भी कोरोना को नियंत्रित करने में मिल रहा है।

धारावी से कोरोना हुआ गायब

एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के रूप में पहचाने जाने वाले धारावी में जब कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मामले आने शुरू हुए थे, तो इससे देश भर के लोगों में चिंता बढ़ गयी थी और लोगों को लगा था कि हालात काबू नही हो पाएंगे लेकिन मनपा के प्रयासों से आज वही धारावी कोरोना वायरस को खत्म करने के मामले में विश्व भर में जानी जा रही है।धारावी से लगभग कोरोना पूरी तरह गायब हो चुका है। इसका अंदेशा यहां पर आने वाले पॉजिटिव मामलों से लगाया जा सकता है। गुरुवार को धारावी में मात्र ६ पॉजिटिव मामले देखने को मिले। बता दें कि मनपा द्वारा शुरू की गई योजना चेस द वायरस के सफलता पूर्वक परिणामों से धारावी में वायरस लगभग खत्म हो चुका है और अब मात्र कुछ ही पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। वर्तमान में धारावी में १४२ मामले एक्टिव हैं जबकि २१२१ लोगों का इलाज किया जा चुका है। जिसके कारण धारावी पूरे विश्व भर के सामने कोरोना वायरस को हराने का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया ह। इसके अलावा दादर में २७ नए पॉजिटिव मामले देखने को मिले हैं जबकि माहिम में १५ नए मामले देखने को मिले हैं।