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कश्मीर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा

कश्मीर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार को ही चार नए मरीजों की पहचान हुई है। इस तरह अब प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 11 तक जा पहुंची हैं, इनमें आठ कश्मीर और तीन जम्मू के हैं। आज जिन मरीजों की पुष्टि हुई है वह सभी बांडीपोरा के हैं। प्रशासन इन लोगों के संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में जुट गया है। यह सभी हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौटे हैं। वहीं लद्दाख में अब तक 13 पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हो चुकी है। उधर, कश्मीर के पहले मामले में संक्रमित पाई गई महिला का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है।

दूसरी ओर लाकडाउन के मद्देनजर श्रीनगर में 1.60 लाख परिवारों को कड़ी सुरक्षा-प्रोटोकॉल के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली राशन की होम डिलीवरी दी जा रही है। जिला मजिस्ट्रेट शाहिद चौधरी का कहना है कि श्रीनगर के हर एक परिवार को जरूरी सामान की आपूर्ति की जाएगी। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जनता के लिए जरूरी सामान का पर्याप्त स्टॉक है, सब्जियों, दूध और दवाओं की कोई कमी नहीं है। साथ ही जनता से अपील भी की है कि अपने परिवार की सुरक्षा के लिए घरों से बाहर न निकलें और लोगों से दूरी बनाकर रखें।

लाकडाउन के चलते दिहाड़ीदारों को पेश आने वाली दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने निशुल्क राशन बांटने के काम को शुरू किया। दिहाड़ीदारों में राशन आपूर्ति के लिए धनराशि राज्य पुलिस की स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स एसडीआरएफ को आपदा से निपटने वाली धनराशि में से किया जाएगा। सस्ते दाम में प्रशासन को राशन फूड, सिविल सप्लाई एंड कंयूमर अफेयर्स द्वारा किया गया है।

आपदा प्रबंधन पुनर्वास विभाग के सचिव सिमरणदीप सिंह ने बताया कि लाकडाउन के चलते श्रमिकों को दिहाड़ी कमाने में परेशानी पेश आ रही है। यही कारण है कि उन्हें प्रशासन की ओर से निःशुल्क राशन दिया जा रहा है। राशन वितरण के काम की समीक्षा मंडलायुक्त जम्मू और मंडलायुक्त कश्मीर करेंगे।
इतना जरूर था कि जम्मू कश्मीर में पाबंदियों का उल्लंघन करने वालों को दौड़ाया नहीं जा रहा है और न ही पीटाई की जा रही है बल्कि उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब समझाते हुए सड़क पर ही एक दूसरे से दूर कई कई घंटों तक बैठाया जा रहा है।

दूसरी ओर श्रीनगर नगर निगम ने अपने कार्याधिकार क्षेत्र में अगली सूचना तक किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही निगम ने पुलिस व अन्य संबधित विभागों से इस पाबंदी को प्रभावी बनाने में सहयेाग का आग्रह किया है। लाकडाऊन का असर मंदिरों, गुरुद्वारों और मस्जिदों पर भी नजर आया है।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में आवश्यक सेवाएं मुहैया कराने वाले विभागों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय 14 अप्रैल तक बंद किए जाने के आदेश भी दिए हैं।