" /> आधारकार्ड होगा तभी मिलेगी कोरोना की दवा, रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

आधारकार्ड होगा तभी मिलेगी कोरोना की दवा, रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

राज्य में कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा रेमडेसिवीर की कालाबाजारी शुरू हो गई है। इसकी शिकायत मिलने के बाद सरकार ने कालाबाजारी करनेवालों पर लगाम लगाने का तत्काल निर्णय किया है। सरकार ने इस दवा लेनेवाले मरीजों के लिए आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में कोरोना मरीजों को यह चीज ध्यान में रखनी होगी। यह जानकारी पालक मंत्री असलम शेख ने दी।
पालक मंत्री ने बताया कि राज्य में रेमडेसिवीर दवा की भारी संख्या में हो रही कालाबाजारी की शिकायत अन्न औषधि विभाग से की थी। इसके बाद अन्न औषधि विभाग ने तत्काल प्रभाव से इसे रोकने के लिए आधारकार्ड अनिवार्य कर दिया है। इससे इस दवा की कालाबाजारी को रोकने में मदद मिलेगी। अस्पतालों में जिन मरीजों के इलाज के लिए यह दवा उपयोग की गई है, उन सभी मरीजों का आधारकार्ड और मोबाइल नंबर रिकॉर्ड रखने का निर्देश दुकानदारों को दिया गया है। इसके साथ डॉक्टर की पर्ची, मरीज का  मोबाइल नंबर और आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। सिप्ला सहित अन्य दवा कंपनियों ने सरकार को आवश्स्त किया है कि रेमेडिसवीर सहित अन्य कोरोना की दवाओं की कमी नहीं होगी। भारी मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं दूसरी तरफ अन्न औषधि मंत्री राजेंद्र शिंगणे ने मुंबई के कुछ अस्पतालों और मेडिकल की दुकानों पर अचानक छापा मारा, जहां पर दवा को महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायत मिली थी। उन्होंने अस्पतालों में इन दवाओं के  स्टॉक का भी निरीक्षण किया। अस्पताल से संबद्ध चिकित्सा और मनपा अस्पतालों में इन दवाओं की स्टॉक भारी मात्रा में है। उन्होंने बताया कि रेमडेसिवीर दवा की कालाबाजारी कितनी हुई है, इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो सरकार कालाबाजारी करनेवालों के खिलाफ सख्त कारवाई करेगी। शिंगणे ने कहा कि मुंबई सहित पूरे राज्य में कोरोना का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए सरकार इससे निपटने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। ऐसे में कोरोना के इलाज के लिए रेमडेसिविर दवा का अस्पतालों में उपयोग किया जा रहा है। लेकिन बढ़ती दवा की डिमांड के कारण कालाबाजारी की शिकायत विभाग को मिली है, जिसे रोकने के लिए सरकार प्रयत्न कर रही है।