" /> मीरा-भायंदर नंबर-2 मरीज दे रहे हैं कोरोना को मात

मीरा-भायंदर नंबर-2 मरीज दे रहे हैं कोरोना को मात

कोरोना पीड़ित मरीजों के स्वस्थ होने में मीरा-भायंदर शहर राज्य में दूसरे स्थान पर है। राज्य के अन्य शहरों के कोरोना मरीजों के संदर्भ में किए गए तुलनात्मक अध्ययन में इस बात की जानकारी मिली है। मीरा-भायंदर में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर ७३.१७ प्रतिशत है। वहीं कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने में ८१.५० प्रतिशत दर के साथ नागपुर प्रथम स्थान पर है।
मीरा-भायंदर शहर में २७ मार्च को कोरोना का पहला मरीज पाया गया था। ६ अप्रैल से कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने के मामले सामने आने लगे थे, तो वहीं ७ अप्रैल को कोरोना से मृत्यु होने का पहला मामला भी सामने आया था। २२ अप्रैल तक मीरा-भाइंदर शहर में कोरोना मरीजों की संख्या १०० के पार पहुंचने से सभी की चिंताएं बढ़ गई थीं। तभी २ मई को ५३ कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की खबर ने सबको राहत पहुंचाई थी। इसके बाद भी कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि और स्वस्थ होनेवालों का ग्राफ निरंतर ऊपर-नीचे होता रहा।
८ जुलाई तक शहर में कुल १४ हजार ५८३ संदिग्ध कोरोना मरीजों के स्वैब के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिनमें से ९ हजार १५३ लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं ४ हजार ८०८ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से कुल ३ हजार ४६९ कोरोना पीड़ित मरीज स्वस्थ हुए हैं, तो १७६ मरीजों की अब तक मृत्यु हो चुकी है। ६२२ लोगों की जांच रिपोर्ट प्रतीक्षा में है। बाकी के करीब १ हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिनका अनुपात २३.१२ प्रतिशत है तथा मृत्यु का प्रमाण ३.७१ प्रतिशत है। स्वस्थ होनेवालों की संख्या ७३.१७ प्रतिशत है। अन्य शहरों का तुलनात्मक अध्ययन कर विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया है। इस प्रकार से कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने में मीरा-भायंदर शहर राज्य में दूसरे क्रमांक पर तो पिंपरी चिंचवड़ तीसरे क्रमांक पर है।

खरीदे कोरोना टेस्ट की रैपिड किट -प्रताप सरनाईक
मुंबई के धारावी की तर्ज पर मीरा-भायंदर महानगरपालिका भी कोरोना टेस्ट के लिए रैपिड किट की खरीदारी करे, ऐसी मांग शिवसेना विधायक ने मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठौड़ से की है। सरनाईक ने गुरुवार को पत्रकार परिषद के दौरान बताया कि कोरियन कंपनी ने कोविड-१९ की शीघ्र जांच के लिए एक रैपिड किट की निर्मिति की है। कोविड जांच के अन्य माध्यमों की तुलना में यह किट सुरक्षित व सस्ती है। साथ ही इस किट से की गई जांच की रिपोर्ट भी आधे घंटे के अंदर प्राप्त हो जाती है। इस किट को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने भी मान्यता दी है। महाराष्ट्र सरकार ने इस किट का उपयोग मुंबई के धारावी झोपड़पट्टी क्षेत्र में किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। इसी तर्ज पर ठाणे महानगरपालिका ने भी करीब २ लाख किट खरीदा है। मीरा-भायंदर शहर को भी कोरोना मुक्त करने के लिए इस किट का उपयोग करना चाहिए। शहर के झोपड़पट्टी क्षेत्रों में इस किट के माध्यम से कम समय में अधिक-से-अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की जांच कर उन्हें समय पर उपचार मुहैया कराया जा सकता है, जिससे कोरोना के प्रसार को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी। इसीलिए सरनाईक ने मनपा आयुक्त डॉ. राठौड़ को पत्र लिखकर शहरवासियों के लिए यह किट खरीदने की मांग की है।