" /> कोरोना मरीजों को नकली डोज!

कोरोना मरीजों को नकली डोज!

देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है। एक तरफ इस महामारी को रोकने के लिए सरकारें और प्रशासन तमाम कवायदें कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कई लोग ऐसे भी हैं, जो कोरोना के उपचार में उपयोग की जानेवाली जीवनरक्षक दवाओं और इंजेक्शन की नकली खेप की आपूर्ति करने से बाज नहीं आ रहे। गुजरात के सूरत में ऐसे ही एक नकली इंजेक्शन गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। एक डॉक्टर की सतर्कता से इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। इस नकली इंजेक्शन का इस्तेमाल कोरोना मरीजों के इलाज में किया जा रहा था।
गुजरात के सूरत में एफडीए की टीम ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कोरोना के उपचार में उपयोग किए जानेवाले टोसिलिजुमेब इंजेक्शन के नाम पर नकली इंजेक्शन की आपूर्ति कर रहा था। एफडीए की टीम ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बड़े पैमाने पर ४०० एमएल की नकली टोसिलिजुमेब इंजेक्शन बरामद की गई है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग लाखों रुपए बताई जा रही है।
एफडीए आयुक्त डॉ. एच जी कोशिया के मुताबिक अमदाबाद के संजीवनी अस्पताल में कार्यरत डॉ. देवांग शाह को टोसिलिजुमेब इंजेक्शन को लेकर शंका हुई, जब वे एक कोरोना संक्रमित को यह इंजेक्शन लगा रहे थे। डॉ. शाह ने जब चेक किया तो पाया कि इंजेक्शन का कंटेंट अलग है। डॉक्टर ने मरीज के परिजनों से उस मेडिकल स्टोर के संबंध में जानकारी ली, जहां से यह इंजेक्शन लाया गया था।
डॉ. कोशिया के मुताबिक साबरमती इलाके के उस मेडिकल स्टोर के मालिक आशीष शाह से बगैर बिल के एक लाख ३५ हजार रुपए मूल्य के इंजेक्शन लेने की बात सामने आई। जांच के दौरान ये खुलासा हुआ कि मेडिकल स्टोर संचालक ने इंजेक्शन सूरत के निवासी सोहेल इस्माइल से लिए थे। उन्होंने बताया कि जानकारी के आधार पर एफडीए की टीम ने इस्माइल के घर छापेमारी की तो इस गोरखधंधे का खुलासा हो गया। उन्होंने बताया कि नकली इंजेक्शन के धंधे में संलिप्त सोहेल इस्माइल, नीलेश लालीवाला, अक्षय शाह, हर्ष ठाकोर और आशीष शाह को गिरफ्तार कर लिया गया है।