" /> केरल की तुलना में महाराष्ट्र में ६ गुना अधिक हो रहे हैं परीक्षण

केरल की तुलना में महाराष्ट्र में ६ गुना अधिक हो रहे हैं परीक्षण

राज्य के मुख्य सचिव अजोय मेहता ने बताया कि महाराष्ट्र में केरल एवं अन्य राज्यों की तुलना में ६ गुना अधिक कोरोना रोगियों के परीक्षण किए जा रहे हैं। पीपीई किट्स का उपयोग किस रोगी पर करना चाहिए, किस पर नहीं करना चाहिए इस पर भी केंद्र द्वारा नीति बनाए जाने की बात मेहता ने कही।
केंद्रीय दल के सुझाव पर राज्य में कड़ाई से पालन
मुंबई दौरे पर आए केंद्रीय दल के सुझाव का कड़ाई से पालन शुरू किया गया है। केंद्रीय दल ने मुख्य रूप से संस्थात्मक क्वारंटाइन बढ़ाने, परीक्षण पर अधिक फोकस्ड करने, विशेषत: झोपडपट्टी की जगहों पर सार्वजनिक स्वच्छतागृह है, अधिक ध्यान रखने, इन प्रसाधनगृहों का उपयोग करनेवाले धारावी जैसे परिसरों में ही क्वारंटाइन न करते हुए परिसर के बाहर दूर रहे लोगों का क्वारंटाइन करना, कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों में मरीज़ों की जांच करने, जल्द से जल्द निजी अस्पताल, नर्सिंग होम्स शुरू करने ताकि कोविड के अतिरिक्त अन्य मरीजों को भी समय पर इलाज आदि सुझाव दल के अध्यक्ष ने मनोज जोशी को दिए हैं, जिस पर तत्काल प्रभाव से अमल शुरू हो गया है।
नर्सिंग होम्स बंद न रखें- टोपे
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि मैं जानता हूं कि निजी क्लीनिक्स, नर्सिंग होम्स के डॉक्टर्स, चिकित्सक कर्मचारियों की सुरक्षा भी जरूरी है लेकिन ऐसी हालातों में आम मरीज, डायलेसिस के मरीज, हृदय विकार के मरीज, छोटे बच्चे, बुजुर्गों की बीमारियां इन सभी पर इलाज कौन करेगा। सभी नर्सिंग होम्स ने अपने अस्पतालों को खुला रखकर इन मरीजों की सेवा करनी चाहिए यानी इनका इलाज करना चाहिए। सरकार की ओर से उन्हें पीपीई किट तथा अन्य सामग्री उपलब्ध होते ही निश्चित ही उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी को भी जल्द से जल्द ही मान्यता मिलना जरूरी है।