" /> कोरोना से मरनेवाली महिला का हुआ अंतिम संस्कार : पहले निगमबोध घाट ने किया था इनकार

कोरोना से मरनेवाली महिला का हुआ अंतिम संस्कार : पहले निगमबोध घाट ने किया था इनकार

दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस की वजह से महिला की मौत हो गई थी, जिसका निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया गया। लेकिन जब इस संबंध में मीडिया में खबर चली तो बाद में निगमबोध घाट ने कोरोना से जान गंवानेवाली महिला के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी।
असल में परिजन जब शव लेकर पहुंचे तो निगमबोध घाट प्रशासन ने अंतिम संस्कार करने की अनुमति नहीं दी। एक रिश्तेदार ने बताया कि उन्होंने निगमबोध घाट के प्रमुख को फोन किया और स्थिति से अवगत कराया। इस पर निगमबोध घाट के प्रमुख ने कहा कि शव को यहां से ले जाएं और दूसरी जगह अंतिम संस्कार करें।
मृतक महिला के परिजनों के मुताबिक निगमबोध घाट ने पहले अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और लोधी रोड स्थित श्मशान घाट जाने को कहा लेकिन एक चैनल पर इसकी खबर चलने के बाद निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार की इजाजत दी गई। परिजनों का कहना है कि तीन घंटे बाद अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई। निगमबोध घाट पर सीएनजी शवदाह गृह में महिला का अंतिम संस्कार कराया गया। राम मनोहर लोहिया अस्पताल की टीम की निगरानी में सभी एहतियात बरतते हुए अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
कर्नाटक में हुई थी पहली मौत
इससे पहले कोरोना वायरस से कर्नाटक में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इस तरह हिंदुस्थान में कोरोना वायरस से अब तक दो लोगों की मौत हुई है। हिंदुस्थान में कोरोना वायरस के कुल ८५ मामले सामने आए हैं, जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा इनमें से चार लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
नाश्ता के बहाने भागे थे मरीज
नागपुर। शहर के मायो हॉस्पिटल के आइसोलेशन वॉर्ड से भागे पांच संदिग्धों में से तीन वापस लौट आए हैं। ये लोग नाश्ता करने बाहर गए थे, जिसके बाद दोबारा नहीं लौटे थे। अब आइसोलेशन वॉर्ड के बाहर पुलिस को भी सुरक्षा में तैनात कर दिया गया है। शुक्रवार रात को कोरोना वायरस से संदिग्ध पांच लोगों की मायो हॉस्पिटल से भागने की सूचना मिली थी। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को दी थी। पुलिस ने सभी संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस कर ली थी। वहीं ये सभी मरीज जिन लोगों के संपर्क में आए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।
अमेरिका में आपातकाल
कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए कल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए अमेरिका में नेशनल इमरजेंसी (आपातकाल) की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही अमेरिका में २० साल बाद संक्रामक रोग आपातकाल घोषित किया गया है।
दरअसल, कोरोना वायरस के चलते अमेरिका में ४० लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने इस खतरनाक संक्रमण से निपटने के लिए अभूतपूर्व आर्थिक और वैज्ञानिक उपायों का सहारा ले लिया है। इस सबकी शुरुआत तब हुई जब अमेरिका की विपक्षी पार्टियां ट्रंप प्रशासन पर लगातार आरोप लगा रही थीं कि सरकार कोरोना से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं कर रही है। इसके बाद ट्रंप ने १९८८ के एक कानून के तहत राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने का पैâसला किया है।